डिजिटल अरेस्ट: खौफ दिखाकर दो रिटायर्ड बुजुर्गों से 1.07 करोड़ की ठगी, पुलिस-NIA अधिकारी बनकर बनाया शिकार

खौफ दिखाकर दो रिटायर्ड बुजुर्गों से 1.07 करोड़ की ठगी, पुलिस-NIA अधिकारी बनकर बनाया शिकार
  • आतंकवाद, बम धमाके और मनी लॉन्ड्रिंग के फर्जी मामलों में फंसाने की धमकी देकर RTGS से रकम कराई ट्रांसफर
  • एक बुजुर्ग से 20.10 लाख और 82 वर्षीय रिटायर्ड व्यक्ति से 87.50 लाख रुपए ऐंठे
  • फर्जी बैंक स्टेटमेंट, RBI वारंट और पहचान पत्र भेजकर कई दिनों तक वीडियो कॉल पर रखा निगरानी में

डिजिटल डेस्क, नागपुर. साइबर ठगों ने मुंबई पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकारी बनकर नागपुर के दो रिटायर्ड बुजुर्गों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जाल में फंसाकर कुल 1 करोड़ 7 लाख 60 हजार रुपए ठग लिए। आरोपियों ने दोनों को आतंकवाद, बम धमाके और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी। लगातार फोन और वीडियो कॉल के जरिए निगरानी में होने का भय पैदा किया और बैंक खातों के सत्यापन के नाम पर RTGS से रकम अपने बताए खातों में ट्रांसफर करा ली। दोनों मामलों में साइबर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मुंबई पुलिस अधिकारी बनकर 20.10 लाख रुपए ठगे

धंतोली के सहकारनगर निवासी 70 वर्षीय रिटायर्ड व्यक्ति को आरोपियों ने मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन का अधिकारी बनकर निशाना बनाया। पुलिस के अनुसार, 23 और 24 सितंबर को उन्हें फोन और वीडियो कॉल किए गए। आरोपियों ने दावा किया कि उनका नाम आतंकवाद से जुड़े एक मामले की जांच में सामने आया है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इसके बाद आरोपियों ने उनके खिलाफ वारंट जारी होने की बात कही। बैंक खाता वेरिफाई करने के नाम पर रकम जमा कराने को कहा गया। गिरफ्तारी के डर से दबाव में आए बुजुर्ग ने आरोपियों द्वारा बताए गए खाते में RTGS के जरिए 20 लाख 10 हजार 200 रुपए ट्रांसफर कर दिए।

बाद में ठगी का एहसास होने पर उन्होंने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने BNS की धोखाधड़ी, धमकी और जालसाजी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।

NIA अधिकारी बनकर 82 वर्षीय बुजुर्ग से 87.50 लाख ऐंठे

दूसरे मामले में धरमपेठ के खरे टाउन निवासी 82 वर्षीय रिटायर्ड व्यक्ति को NIA की एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड का अधिकारी बनकर ठगी का शिकार बनाया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने व्हाट्सऐप वीडियो कॉल कर दावा किया कि दिल्ली में हुए बम धमाके की जांच में पीड़ित का नाम सामने आया है।

आरोपी ने यह भी दावा किया कि पीड़ित के ICICI बैंक खाते के जरिए 2.5 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है और उन्हें 25 लाख रुपए कमीशन के रूप में मिले हैं। इसके बाद तत्काल गिरफ्तारी की धमकी देकर उन्हें डराया गया।

आरोपियों ने विश्वास कायम करने के लिए कथित तौर पर फर्जी ICICI बैंक स्टेटमेंट, नकली वीजा कार्ड और फर्जी RBI वारंट भी भेजे। पीड़ित और उनकी पत्नी को कई दिनों तक वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा गया। इससे उन्हें लगा कि वे किसी आधिकारिक जांच के दायरे में हैं।

इसके बाद आरोपियों ने तीन बैंक खातों की जानकारी देकर रकम के सत्यापन के नाम पर RTGS से पैसा ट्रांसफर करने को कहा। झांसे में आए बुजुर्ग ने कुल 87.50 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का पता चलने पर उन्होंने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने BNS और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Created On :   27 Sept 2026 6:31 PM IST

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