लापरवाही: आदर्श शिक्षकों का चुपके-चुपके सम्मान - कटघरे में जिप के शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली, गुणवत्ता प्राप्त विद्यार्थियों की उपेक्षा पर सवाल

आदर्श शिक्षकों का चुपके-चुपके सम्मान - कटघरे में जिप के शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली, गुणवत्ता प्राप्त विद्यार्थियों की उपेक्षा पर सवाल
  • शिक्षा विभाग की लापरवाही नजर आई
  • आदर्श शिक्षक चयन को लेकर भी किरकिरी
  • शिक्षक दिवस पर आदर्श शिक्षकों के सम्मान समारोह की परंपरा

डिजिटल डेस्क, नागपुर. शिक्षक दिवस पर आदर्श शिक्षकों के सम्मान समारोह की परंपरा है। जिला परिषद के शिक्षा विभाग ने इस परंपरा को तोड़ दिया। दो सप्ताह बाद मंगलवार 22 सितंबर को चुपके-चुपके सम्मान समारोह का आयोजन कर औपचारिकता निभाई। दसवीं और बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित होकर आधा शैक्षणिक सत्र समाप्त हाेने की कगार पर है। गुणवत्ता प्राप्त विद्यार्थी सत्कार से बेदखल हैं। आदर्श शिक्षक और विद्यार्थियों के सत्कार में उदासीनता बरती जाने पर जिला परिषद के शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली कटघरे में आ गई है।

आदर्श शिक्षक चयन को लेकर भी किरकिरी

आदर्श शिक्षक चयन में हुई किरकिरी से बचने के लिए सम्मान समारोह चुपके-चुपके निपटा जाने की चर्चा है। दरअसल प्राथमिक विभाग से हर तहसील के एक आदर्श शिक्षक का चयन करने का नियम है। इस वर्ष जिले की 3 तहसील आदर्श शिक्षक से वंचित रही। प्रस्ताव प्राप्त होने के बावजूद आदर्श शिक्षक का चयन नहीं किया गया। इस बात को लेकर शिक्षक संगठन नाराजगी जता चुके हैं। अपने करीबी शिक्षक को पुरस्कार दिलाने के लिए तहसील स्तर से एक ही प्रस्ताव भेजने पर भी आपत्ति दर्ज की जा चुकी है। आदर्श शिक्षक चयन प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल से बचने के लिए चुपके से आयोजन किया गया। प्राथमिक विभाग के केवल 10 तहसील के शिक्षकों के सम्मान की औपचारिकता निभाई गई।

शिक्षा विभाग की लापरवाही नजर आई

दसवीं और बारहवीं कक्षा के गुणवत्ता प्राप्त विद्यार्थियों का सम्मान किया जाता है। आयोजन पर खर्च के लिए जिप के बजट में निधि का प्रावधान किया गया है। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना इसके पीछे मुख्य उद्देश्य है। आधा शैक्षणिक सत्र समाप्त होने जा रहा है। अभी तक विद्यार्थियों का सत्कार समारोह का नियोजन नहीं है।

जिला परिषद स्कूलों को विद्यार्थी नहीं मिल रहे हैं। विद्यार्थी संख्या के अभाव में अनेक स्कूल बंद हो रहे हैं। वहीं जो विद्यार्थी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर गुणवत्ता प्राप्त कर रहे हैं। उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए सादा सत्कार समारोह का आयोजन करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। आदर्श शिक्षक व गुणवत्ता प्राप्त विद्यार्थियों के सम्मान समारोह में बरती गई लापरवाही से शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी के प्रति उदासीनता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

Created On :   24 Sept 2026 6:48 PM IST

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