Nashik News: सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले साधुओं को चाहिए गन के लाइसेंस, किए आवेदन - बंदूक रखने की मांगी अनुमति

सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले साधुओं को चाहिए गन के लाइसेंस, किए आवेदन - बंदूक रखने की मांगी अनुमति
  • 10 अखाड़ों से जुड़े संतों ने बंदूक रखने की मांगी अनुमति
  • मंजूरी के लिए गृह विभाग के पास भेजा गया निवेदन
  • अखाड़े की जिम्मेदारी के चलते है जरूरी

Nashik News. हर्षवर्धन बोऱ्हाडे. सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले 10 अखाड़ों और उनसे जुड़े साधु-महंत गन के लाइसेंस की मांग कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने प्रशासन के पास आवेदन दिए हैं। गन की जरूरत के लिए अलग-अलग कारण बताए गए हैं। अधिकांश ने लगातार बढ़ रहे ‘गुप्त शत्रुओं’ से सुरक्षा को मुख्य वजह बताया है। कुछ साधुओं ने पालघर में साधुओं के साथ हुई मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं का हवाला दिया है। उनका कहना है कि यदि उनके साथ ऐसी घटना होती है, तो सुरक्षा के लिए उनके पास हथियार होना जरूरी है।

मंजूरी के लिए गृह विभाग के पास भेजा गया निवेदन

संबंधित साधुओं के गन लाइसेंस के आवेदन जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के पास महीनों पहले जमा हो चुके हैं। प्रारंभिक जांच के बाद इन्हें गृह विभाग को भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

नाशिक कलेक्टर कार्यालय में हो चुका है इंटरव्यू

गन लाइसेंस के लिए विशेष कारण होना आवश्यक होता है। इसमें आवेदक का पेशा, जोखिम का स्तर और वास्तविक सुरक्षा की आवश्यकता की जांच की जाती है। प्रशासन द्वारा साधुओं के इंटरव्यू लिए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के 6 और शहरी क्षेत्र के 4 साधुओं ने आवेदन किए हैं। फिलहाल नाशिक कलेक्टर कार्यालय में इनके इंटरव्यू पूरे हो चुके हैं।

अखाड़े की जिम्मेदारी के चलते है जरूरी

अभिनव मिश्रा, आवाहन अखाड़ा, त्र्यंबकेश्वर के मुताबिक हम त्र्यंबकेश्वर में रहते हैं और आत्मरक्षा के लिए बंदूक जरूरी है। हम अखाड़े का काम और धन संबंधी जिम्मेदारियां संभालते हैं। ऐसे में सुरक्षा के लिए गन का लाइसेंस आवश्यक है। इसीलिए हमने कलेक्टर के पास आवेदन किए हैं। हमें कुंभ मेले से पहले लाइसेंस मिलने की पूरी उम्मीद है।

यात्रा में सुरक्षा के लिए गन चाहिए

बलविंदर महाराज, गुरुद्वारा, मनमाड़ के मुताबिक हमारी सुरक्षा के लिए हमें बंदूक की आवश्यकता है। हमें अक्सर नाशिक के बाहर जाना पड़ता है। यदि अचानक कोई संदिग्ध व्यक्ति सामने आ जाए, तो मुकाबला करने के लिए हमारे पास कोई हथियार नहीं रहता है। मैं मनमाड़ स्थित बड़े गुरुद्वारे की महत्वपूर्व जिम्मेदारी संभालता हूं। हमारे साथ हमेशा अनहोनी होने का खतरा बना रहता है, इसलिए हमने आग्नेयास्त्र के लाइसेंस के लिए आवेदन किया है।

नियमों के तहत की जाएगी कार्रवाई

रोहित कुमार राजपूत, निवासी उपजिलाधिकारी के मुताबिक जिन साधु-संतों ने आवेदन किया है, उनकी जांच कर प्रस्ताव गृह विभाग को भेजे जा रहे हैं। यदि यह नियमों के अनुरूप पाया जाता है, तो अखाड़ों के प्रमुख साधु-महंतों को रिवॉल्वर का लाइसेंस दिया जा सकता है। साधु लगातार जल्द से जल्द लाइसेंस जारी करने के लिए संपर्क कर रहे हैं।


Created On :   5 April 2026 6:18 PM IST

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