आयोजन: उपराष्ट्रपति ने कहा - स्वास्थ्य सेवा अस्पतालों से परे होनी चाहिए, समाज और राष्ट्र के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत है दीक्षांत समारोह

उपराष्ट्रपति ने कहा - स्वास्थ्य सेवा अस्पतालों से परे होनी चाहिए, समाज और राष्ट्र के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत है दीक्षांत समारोह
  • समाज और राष्ट्र के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत
  • 140 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त टीके लगाए गए

New Delhi News. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आयुर्वेद विज्ञान संस्थान के स्नातकों से सहानुभूति, ईमानदारी और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता के साथ सेवा करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा अस्पतालों से परे होनी चाहिए और स्वास्थ्य सेवा सभी तक पहुंचनी चाहिए। उपराष्ट्रपति गुरूवार को ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए ये विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह न केवल वर्षों के अनुशासित प्रयास और त्याग की परिणति है, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत भी है। उन्होंने स्नातकों से समर्पण और उद्देश्य की भावना के साथ अपने पेशेवर कर्तव्यों को निभाने का आग्रह किया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने लचीलापन, नवाचार और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने भारत के व्यापक टीकाकरण अभियान पर कहा कि 140 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त टीके लगाए गए जिससे स्वास्थ्य सेवा तक समान पहुंच सुनिश्चित हुई। भारतीय वैज्ञानिकों ने लाभ के लिए नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण के लिए टीके विकसित किए हैं। स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना के विस्तार पर राधाकृष्णन ने कहा कि पिछले एक दशक में देश भर में, विशेष रूप से वंचित क्षेत्रों में, नए एम्स संस्थानों की स्थापना से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा तक पहुंच मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि सुशासन लोगों की जरूरतों को समझने और उनकी सेवा करने में निहित है।

Created On :   23 April 2026 8:32 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story