टीआरक्यू: थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी भंडारण सीमा 15 दिनों से बढ़ाकर 30 दिन, स्टॉक रखने की सीमा में कोई बदलाव नहीं

थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी भंडारण सीमा 15 दिनों से बढ़ाकर 30 दिन, स्टॉक रखने की सीमा में कोई बदलाव नहीं
  • खुले बाजार से खरीद के लिए स्टॉक रखने की सीमा में कोई बदलाव नहीं
  • चीनी भंडारण सीमा 15 दिनों से बढ़ाकर 30 दिन

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली. चीनी के थोक उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी भंडारण की सीमा 15 दिनों से बढ़ाकर 30 दिन कर दी है, बशर्ते मौजूदा 15 दिनों की सीमा से अधिक स्टॉक की मात्रा केवल अग्रिम स्वीकृति योजना (एएएस) और शुल्क दर कोटा (टीआरक्यू) के तहत आयातित चीनी से ही प्राप्त की जाए। साथ ही सरकार ने यह भी साफ किया है कि खुले बाजार से खरीद के लिए स्टॉक रखने की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है और केवल15 दिनों की खपत तक ही सीमित रहेगी।

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने थोक उपभोक्ताओं द्वारा खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक शुक्रवार को चीनी स्टॉक की घोषणा और साप्ताहिक जानकारी के लिए एक तंत्र भी स्थापित किया है। मौजूदा समय में उत्पादन, उपभोग या उपयोग के लिए कच्चे माल के रूप में प्रति माह 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का उपयोग करने वाले थोक उपभोक्ताओं को 15 दिनों से अधिक की अवधि के लिए चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति है।

कीमतों में 10 प्रतिशत की गिरावट

मंत्रालय ने कहा है कि खुदरा चीनी की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट आई है। अगस्त में यह 65 रुपए थी, जो घटकर 58.50 रुपए हो गई है।हालांकि मिल से प्राप्त कीमतों में पहले ही लगभग 25 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। सरकार का मानना है कि खुदरा कीमतों में धीमी गिरावट से यह संकेत मिलता है कि मिल से प्राप्त कीमतों में कमी का लाभ आपूर्ति श्रृंखला के माध्यम से उपभोक्ता तक पूरी तरह से नहीं पहुंचा है।

Created On :   18 Sept 2026 6:46 PM IST

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