दैनिक भास्कर हिंदी: बालाघाट: लूट के मामले में तीन अपचारी बालक सहित एक युवक गिरफ्तार

May 9th, 2019

डिजिटल डेस्क, बालाघाट। लूट के एक मामले का खुलासा करते हुए बालाघाट की कोतवाली पुलिस ने तीन अपचारी बालकों सहित एक युवक को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अपचारी बालक अभी भी फरार है। अपचारी बालक अपना शौक पूरा करने के लिए लूट की वारदात को अंजाम दिया करते थे। पुलिस का कहना है कि लूट के मामले में लिप्त चार अपचारी बालक में तीन अपचारी बालक का पूर्व में भी वाहन चोरी मामले में अपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पुलिस संबंधितों से पूछताछ कर रही है, जिसके बाद और भी मामलों का खुलासा हो सकता है।

डॉक्टर को बनाया था लूट का शिकार-
21 सितंबर 2018 को नगर के निर्मल नगर निवासी डॉ. मुकेश चौहान के साथ रेलवे वैनगंगा पुल के आगे चार अज्ञात नकाबपोश लूटेरों ने 18 हजार रुपए कीमत का मोबाईल और 25 सौ रुपये की लूट कर ली थी। लूट को चार अपचारी बालक ने अंजाम दिया था। यह खुलासा कोतवाली पुलिस ने लूट के आरोप में पकड़े गए तीन अपचारी बालक और लूट का मोबाईल खरीदने वाले गोंगलई निवासी 22 वर्षीय विरेन्द्र पिता रविशंकर लिल्हारे की गिरफ्तारी के बाद किया।

मोबाइल चालू होते ही लूटेरों तक पहुंची पुलिस-
लूट का खुलासा करते हुए नगर पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र यादव ने बताया कि घटना के बाद से लगातार कोतवाली पुलिस और सायबर सेल की टीम मामले की जांच में जुटी थी। जैसे ही लूट का मोबाईल चालू हुआ और उसका पता चला तो पुलिस ने मोबाईल चला रहे युवक को पकड़ा, जिससे पूछताछ में लूट की घटना का पता चला है। पुलिस ने लूट का मोबाईल खरीददार युवक विरेन्द्र लिल्हारे और तीन अपचारी बालक को गिरफ्तार किया गया है, जबकि लूट में शामिल चौथा अपचारी बालक फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। मामले में पुलिस ने लूट की वारदात को अंजाम देने उपयोग की गई प्लेजर स्कूटर भी बरामद की है।

वाहन चोरी का भी है मामला दर्ज-
पुलिस की माने तो चार अपचारी बालक ने घटना दिनांक को अपने शौक पूरा करने पैसों के लिए चारों अपचारी बालक ने मुंह में कपड़ा बांधकर घटना को अंजाम दिया था। लूट के मामले में लिप्त चार अपचारी बालक में तीन अपचारी बालक का पूर्व में भी वाहन चोरी मामले में अपराधिक रिकॉर्ड रहा है। जिसकी पुलिस खोजबीन कर रही है।

इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका-
8 महिने बाद लूट की वारदात को सुलझाकर आरोपियों को गिरफ्तार करने के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियो के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी महेन्द्रसिंह ठाकुर, उपनिरीक्षक विजयसिंह सिसोदिया, आरक्षक शैलेष गौतम, गजेन्द्र माटे, कृष्णकुमार मर्सकोले, रविशंकर गोरिया और प्रदीप पुट्टे की भूमिका सराहनीय रही।