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जबलपुर- मंडला मार्ग पर टोल वसूली को चुनौती

जबलपुर- मंडला मार्ग पर टोल वसूली को चुनौती

अधूरी सड़क होने के बाद भी वाहन चालकों से टैक्स लेने का मामला, हाईकोर्ट में सुनवाई अब 29 को
डिजिटल डेस्क जबलपुर ।
जबलपुर-मंडला हाइवे का निर्माण कार्य अधूरा होने के बाद भी उस मार्ग पर चलने वाले वाहन चालकों से टोल वसूली को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में अब 29 फरवरी को सुनवाई होगी। गुरुवार को चीफ जस्टिस अजय कुमार मित्तल और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद यह निर्देश दिए। देवदरा (मण्डला) के शक्ति नगर में रहने वाले एडवोकेट रिषभ रजक की ओर से यह जनहित याचिका दायर की गई है। आवेदक का कहना है कि जबलपुर-मंडला एनएच-30 का निर्माण वर्ष 2015 से चल रहा है, लेकिन अब तक यह सड़क बनकर तैयार नहीं हुई। आरोप है कि उक्त मार्ग का अधिकांश हिस्सा बदहाल स्थिति में है। तीन घंटे का सफर 8 घंटो में पूरा हो रहा है। और तो और इस मार्ग पर राहगीर रोजाना  ही दुर्घटना  के शिकार हो रहे हैं और सब कुछ पता होने के बाद भी जिम्मेदार कोई कार्रवाई नहीं  कर रहे है। आवेदक का दावा है कि टोल नाका बरेला के उस पार हाइवे में बनाया जाना था, लेकिन उसे सालीवाड़ा में स्थापित कर दिया गया। इससे बरेला सहित आसपास में रहने वाले वाशिन्दों को भी वसूली के लिए मजबूर कर दिया गया, जो अवैधानिक है। आवेदक का दावा है कि आधे अधूरे निर्माण के बाद टोल प्लाजा से की जा रही वसूली ने नाराज स्थानीय लोगों ने जब विरोध जताया तो सड़क बना रही  दिलीप बिल्डकान कंपनी ने समय पर निर्माण कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद भी सड़क का निर्माण पूरा न करके टोल वसूली किए जाने को चुनौती देकर यह याचिका दायर की गई। मामले पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने अपना पक्ष स्वयं रखा। सुनवाई के बाद युगलपीठ ने मामले पर 29 फरवरी को आगे सुनवाई करने के निर्देश दिए।
 

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