दैनिक भास्कर हिंदी: चाइना कोल के मुख्यालय ने भी काम पर वापस लेने से किया इनकार -62 भारतीय मजदूरों का मामला

June 19th, 2020

डिजिटल डेस्क बालाघाट । चीन की कंपनी चाइना कोल सीसी-3 के मुख्यालय ने भी निकाले गए 62 भारतीय मजदूरों को काम पर वापस लेने से इंकार कर दिया है। कंपनी के अन्हुई प्रोविंस - सुझो सिटी (चीन) स्थित मुख्यालय से इस संबंध में आदेश आ चुके हैं। चीनी कंपनी के मुख्यालय के दो टूक इंकार के बाद मॉइल (मैेग्नीज ओर इंडिया लि) के प्रबंधन ने गुरूवार को काम पर वापस नहीं लिए गए मजदूरों के सामने समान वेतन व सुविधाओं के साथ दूसरी ठेका कंपनी में काम करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन श्रमिकों ने इनकार  कर दिया। 
मजदूर अड़े तो पकड़ाया झुनझुना
चाइना कोल कंपनी में ही काम करने पर मजदूरों के अडऩे के बाद कंपनी के स्थानीय प्रबंधन ने मॉइल प्रबंधन के जरिए यह संदेश प्रसारित करवाया कि वह सभी 62 मजदूरों को 5-5 हजार रूपए तो देगी लेकिन यह राशि बतौर एडवांस होगी। मॉइल प्रबंधन के अनुसार कोरोना आपदा समाप्त होने के बाद इन मजदूरों को काम पर वापस लिया जाएगा और यह एडवांस राशि एक हजार रूपए प्रतिमाह के किश्त के हिसाब से काटी जाएगी। मॉइल (भरवेली) के प्रबंधक उम्मेद सिंह ने कहा कि काम के अभाव में बेरोजगार हो चुके मजदूर, हमारे भरोसे पर विश्वास जताएंगे।
कंपनी से किया जा रहा पत्राचार
मॉइल की भरवेली खदान के प्रबंधक उम्मेद सिंह भाटी ने बताया कि आज चाइना कोल सहित एक अन्य कंपनी के ठेकेदार के साथ बैठक हुई। बैठक में मजदूरों को लॉकडाउन अवधि का 5-5 हजार रूपए देने और अन्य कंपनी में काम पर रखने पर बात हुई। उन्होंने बताया कि निकाले गए मजदूरों को काम पर वापस लेने चाइनीज कंपनी को पत्र भेजा गया है। मॉइल द्वारा यहां काम कर रही दूसरी कंपनी डब्ल्यू. एम.एस. में मजदूरों को काम उपलब्ध कराया गया था, लेकिन वे तैयार नहीं हुएं। श्री भाटी के अनुसार दूसरी कंपनी भी न्यूनतम वेतन देने तथा चाइना कोल द्वारा कटी गई पीएफ पीएफ की राशि के समायोजन को तैयार थी। 
एचसीएल में भी कर चुकी है काम चाइना कोल
चाइना कोल सीसी 3 बालाघाट के मलाजखंड में स्थित एचसीएल (हिन्दुस्तान कॉपर लि.) में भी काम कर चुकी है। एचसीएल की भूमिगत खदान का 1200 करोड़ रूपए का ठेका आईबीएम इंडिया लिमिटेड हैदराबाद ने लिया था। इसके बाद आईबीएम ने उक्त कार्य पेटी पर चाइना कोल को दिया था। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व वहां काम खत्म होने के बाद इस चीनी कंपनी ने मॉइल की भरवेली खदान में अंडर ग्राउण्ड शॉफ्ट निर्माण का काम हाथ में लिया था।
 

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