दैनिक भास्कर हिंदी: अस्पताल से डॉक्टर गायब, कलेक्टर ने थमाया नोटिस

May 8th, 2019

डिजिटल डेस्क, बालाघाट। जिला चिकित्सालय बालाघाट की स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बुरा है। यहां हालात यह हैं कि मरीज तो अपने तय समय पर इलाज कराने पहुंच जाते हैं, लेकिन डॉक्टर निर्धारित समय पर नहीं आते हैं। इसकी पोल उस समय खुली जब कलेक्टर दीपक आर्य ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अस्पताल से 15 डॉक्टर गायब मिले, जिसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

हर दिन दो चिकित्सकों की रिपोर्ट-
कलेक्टर दीपक आर्य द्वारा सतत जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की उपस्थिति एवं सफाई व्यवस्था पर निगरानी रखने के लिए डिप्टी कलेक्टर रोहित बम्होरे को नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि हर दिन जिला चिकित्सालय में नियत समय पर उपस्थित चिकित्सकों की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। बताया जा रहा है लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की गाज गिरना तय है।

9.30 तक नहीं पहुंचते अस्पताल-
नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर रोहित बम्होरे द्वारा 8 मई को जिला चिकित्सालय का प्रात: 8 बजे निरीक्षण करने पर पाया गया कि 15 चिकित्सक नियत समय पर अस्पताल में उपस्थित नहीं हुए थे। यह 15 चिकित्सक प्रात: 9.30 बजे तक भी अस्पताल नहीं पहुंचे थे। नियत समय पर जिला चिकित्सालय नहीं पहुंचने वालों में डॉ राजरानी खरे, डॉ एस सी मेश्राम, डॉ जी आर ब्रम्हे, डॉ पी के पाराशर, डॉ अशोक लिल्हारे, डॉ आर के वर्मा, डॉ महेश चौधरी, डॉ नितेन्द्र रावतकर, डॉ गीता बोकड़े, डॉ अश्विनी भौतेकर, डॉ पंकज महाजन, डॉ रश्मि बाघमारे, डॉ आशुतोष सूर्यवंशी, डॉ अनिता तुरकने एवं डॉ राहुल बोरकर शामिल थे।

तो होगी कार्रवाई-
वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बार-बार समझाईश व निर्देश देने के बाद भी इन चिकित्सकों द्वारा अपने नैतिक कर्तव्यों का निर्वहन न कर प्रतिदिन शासकीय कार्य में लापरवाही बरते जाने को कलेक्टर दीपक आर्य ने गंभीरता से लिया है और इन 15 चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि क्यों न इस कृत्य के लिए उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जाए। इन चिकित्सकों को तीन दिनों के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर लिखित में जवाब प्रस्तुत करने कहा गया है।

कलेक्टर आर्य ने सभी चिकित्सकों को निर्देशित किया है कि वे जिला चिकित्सालय बालाघाट में प्रतिदिन निर्धारित समय पर उपस्थित होकर उपचार के लिए आएं बाह्य एवं आंतरिक रोगी का उपचार कर अपने पदीय कर्तव्य एवं नैतिक दायित्वों का जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करना सुनिश्चित करें।