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8 नवंबर को जागेंगे देव, चार माह से वर्जित मांगलिक कार्य शुरू होंगे , बजेंगी शहनाई

8 नवंबर को जागेंगे देव, चार माह से वर्जित मांगलिक कार्य शुरू होंगे , बजेंगी शहनाई

डिजिटल डेस्क दमोह । चार माह से पाताल लोक में  शयन कर रहे भगवान विष्णु आठ नवंबर को देवउठनी ग्यारस के दिन जागेंगे ।इसी के साथ शादियां सहित सभी मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे ।देवउठनी ग्यारस के दिन सुबह से ही श्रद्धालु उपवास रखेंगे वहीं शाम को सभी देवों की पूजा-अर्चना होगी। देव लोक से पृथ्वी लोक पर देवों के आगमन की खुशी में घर-घर और देवालय में रंगारंग आतिशबाजी की जाएगी। पंडितों की मानें तो इस वर्ष देवउठनी ग्यारस पर शादियों के लिए कोई मुहूर्त नहीं है। विवाह के लिए दस दिन का इंतजार करना पड़ेगा। 19 नवंबर को विवाह के लिए पहला शुभ मुहूर्त है।
14 दिन ही शुभ मुहूर्त 
इस वर्ष के अंतिम तक 14 दिन ही शादियों के लिए मुहूर्त हैं। सबसे ज्यादा मुहूर्त 19 से 30 नवंबर तक नो  दिन है ।इस वर्ष शादियां 19 नवंबर से शुरू होंगी। नवंबर और दिसंबर को मिलाकर शादियों के लिए 14 मुहूर्त ही हैं। नवंबर में 19, 20, 21, 22, 23, 24, 26, 28, 30 और  दिसंबर में 5,6, 7,11,12 आदि तिथियां विवाह के लिए शुभ हैं। एसपीएम नगर स्थित श्री शिव शनि हनुमान मंदिर के पुजारी पं बालकृष्ण शास्त्री एवं पं आशुतोष गौतम शास्त्री के अनुसार हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार देवशयनी के बाद मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं। हालांकि धार्मिक पूजा अनुष्ठान चलते रहते हैं। देवउठनी ग्यारस पर भगवान विष्णु के जागने पर तुलसी- शालिगराम विवाह होने के बाद मंगल कार्य शुरू होते हैं। इस बार ग्यारस के दिन विवाह नहीं होंगे। कारण वर्तमान में सूर्य तुला राशि में है। तुला राशि में सूर्य के होने से विवाह नहीं होते। 17 नवंबर को सूर्य जैसे ही तुला राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा। शादी समारोह शुरू हो जाएंगे। इससे मांगलिक कार्यों के लिए लोगों को 10 दिन इंतजार करना होगा। देवउठनी ग्यारस के बाद पहला विवाह मुहूर्त 19 नवंबर को है। नवंबर में लगातार मुहूर्त हैं। इसके बाद फिर 12 दिसंबर से 1 मई के लिए प्रतिबंध लग जाएगा।
 14 जनवरी 2020 से शुरू होगी शादियां
 पं बालकृष्ण शास्त्री एवं पं आशुतोष गौतम शास्त्री ने बताया कि 15 दिसंबर के बाद एक माह के लिए शादियों पर रोक लग जाएगी ।16 दिसंबर को सूर्य अपने गुरु की राशि धनु में प्रवेश कर जाएंगे। इसी के साथ खरमास शुरू हो जाएगा। खरमास में शादियां नहीं होती। इसलिए एक माह बाद 14 जनवरी 2020 को सूर्य के कुंभ राशि में आने के बाद फिर शादियां शुरू होंगी।
 

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