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नर्स की प्रताड़ना से तंग आकर डॉक्टर ने की आत्महत्या, विवाह के लिए बना रही थी दबाव

नर्स की प्रताड़ना से तंग आकर डॉक्टर ने की आत्महत्या, विवाह के लिए बना रही थी दबाव

डिजिटल डेस्क, वारासिवनी, बालाघाट। यहां एक नर्स की प्रताड़ना के कारण एमबीबीएस डॉक्टर ने पिछले दिनों आत्महत्या कर ली। दो दिन पूर्व हुए इस हादसे की जांच के बाद पुलिस ने सुसाईट नोट के आधार पर आरोपी नर्स एवं उसके जीजा को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार दो दिन पूर्व जिला मुख्यालय स्थित एक निजी नर्सिंग होम में कार्यरत एमबीबीएस चिकित्सक द्वारा वारासिवनी-बालाघाट मुख्य मार्ग पर स्थित वैष्णों देवी मंदिर के समीप ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक के पास से मिले सोसाइट नोट के आधार पर पुलिस ने आरोपी जीजा-साली को गिरफ्तार किया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 29 मई मंगलवार रात लगभग साढे आठ बजे बालाघाट शहर के निजी नर्सिंग होम में कार्यरत चिकित्सक संजय डहाके द्वारा पटरी के पास अपनी मोटर साइकिल खड़ी कर ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी थी। 

इन्हे ठहराया था मौत का जिम्मेदार 
मृतक डॉक्टर ने सुसाईट नोट मे जीजा साली को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। सुसाईट नोट के अनुसार आरोपी नर्स डाक्टर के ऊपर विवाह करने का दबाव बना रही थी किंतु डॉ. संजय डहाके पहले से विवाहित था। विवाह न कर पाने की विवशता और नर्स तथा उसके जीजा द्वारा दी जा रही प्रताड़ना से तंग आकर अंतत: उसने आत्महत्या कर ली। थाना प्रभारी कमल निगवाल ने बताया कि मृतक के जेब में मिले सोसाइट नोट में मृतक ने दो लोगों के नामों का उल्लेख किया था, जिसमे मृतक डॉ संजय ने विजेता ठाकरे 22 वर्ष एवं उसके जीजा मनोज दांदरे 25 वर्ष के कारण विवश होकर आत्महत्या करने का आरोप लगाया है। 

एक साथ निजी नर्सिग होम में करते थे काम 
पुलिस की माने तो मृतक डॉ संजय डहाके नर्सिंग होम में चिकित्सक के रूप में पदस्थ था जबकि आरोपी युवती विजेता साथ में नर्स थी, वही मनोज दांदरे आरोपी विजेता का जीजा नर्सिंग होम के ही सामने स्थित एक मेडिकल स्टोर्स में काम करता था। सूत्रों की माने तो इस घटना के कुछ दिनों पूर्व से ही आरोपी नर्स द्वारा नर्सिंग होम में काम पर जाना बंद कर दिया था।

इनका कहना है... 
मामले में आरोपी विजेता के परिजनों के कथन दर्ज कर जांच के बाद और भी खुलासे हो सकते है। सोसाइट नोट में शादी की कुछ बात को लेकर प्रताड़ित किये जाने का उल्लेख भी मिला है। जांच के बाद दोनों ही आरोपियों के विरूद्व धारा 306 आईपीसी 34 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
कमल निगवाल, थाना प्रभारी वारासिवनी

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