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दैनिक भास्कर हिंदी: हाईकोर्ट निर्देश: चुनाव आयोग और राज्य सरकार पार्षदों की चुनाव खर्च सीमा तय करने पर विचार करें

April 15th, 2019

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग और राज्य सरकार को पार्षदों की चुनाव खर्च सीमा तय करने संबंधी अभ्यावेदन पर विधि अनुसार विचार कर जल्द से जल्द उसका निराकरण करें। इस निर्देश के साथ जस्टिस आरएस झा और जस्टिस संजय द्विवेदी की युगल पीठ ने जनहित याचिका का निराकरण कर दिया है।

यह कहा गया जनहित याचिका में
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे और रजत भार्गव की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि चुनाव आयोग और राज्य सरकार ने नगर निगम के महापौर और नगर पालिका अध्यक्ष के लिए चुनाव खर्च की सीमा तय की है। प्रावधान के अनुसार महापौर और नगर पालिका अध्यक्ष को नामांकन दाखिल करने से लेकर चुनाव परिणाम तक प्रतिदिन खर्च का ब्यौरा जिला निर्वाचन अधिकारी के पास पेश करना होता है। याचिका में कहा गया कि नगर निगम और नगर पालिका के पार्षदों के लिए चुनाव खर्च की सीमा तय नहीं की गई है। इसकी वजह से निष्पक्ष चुनाव नहीं हो पा रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट कई मामलों में जत चुका है चिंता
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता पराग चतुर्वेदी और परिमल चतुर्वेदी ने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट कई मामलों में चुनाव खर्च की सीमा पर चिंता जता चुका है। पार्षदों के लिए चुनाव खर्च की सीमा तय नहीं होने से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का चुनाव लड़ना मुश्किल हो रहा है। पैसे वाले लोग जरूरत से अधिक खर्च कर चुनाव जीत रहे हैं। पार्षदों के लिए चुनाव खर्च की सीमा तय करने के लिए याचिकाकर्ताओं ने चुनाव आयोग और राज्य सरकार को अभ्यावेदन दिया, लेकिन अभ्यावेदन पर विचार नहीं किया गया।

विधि अनुसार होगा विचार
चुनाव आयोग की ओर से अधिवक्ता सिद्द्धार्थ सेठ ने कहा कि यदि याचिकाकर्ताओं ने अभ्यावेदन दिया है तो उस पर विधि अनुसार विचार किया जाएगा। सुनवाई के बाद युगल पीठ ने इस निर्देश के साथ याचिका का निराकरण कर दिया है कि चुनाव आयोग और राज्य सरकार पार्षदों की चुनाव खर्च सीमा तय करने संबंधी अभ्यावेदन पर विधि अनुसार विचार कर जल्द से जल्द उसका निराकरण करें।