परेशान किसान : किसानों और शिवसैनिकों ने बिजली विभाग कार्यालय पर निकाला बैलगाड़ी मोर्चा

November 23rd, 2021

डिजिटल डेस्क, कारंजा घाडगे। किसानों को फसल की सिंचाई करने के लिए दिन में  बिजली आपूर्ति शुरू रखने की मांग को लेकर सोमवार को शिवसेना के संदीप भिसे तथा किसानों ने कारंजा के बिजली विभाग कार्यालय पर बैलगाड़ी मोर्चा निकालकर दस्तक दी। इस समय  तहसीलदार के माध्यम से राज्य के ऊर्जा मंत्री नितीन राऊत तथा जिलाधिकारी को निवेदन दिया गया। गत चार वर्षो से तहसील में बिजली विभाग की ओर से किसानों को फसल की सिंचाई करने के लिए रात के समय बिजली आपूर्ति की जाती है। साथ ही विभाग के अधिकारियों का ग्राहकों के साथ गलत बर्ताव करने का प्रमाण भी बढ़ गया है। अधिकारी व संबंधित ठेकेदार में मिलीभगत रहने से इस से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। असमय बिजली आपूर्ति खंडित करना, कृषि पंप के बिल भरने पर भी किसानों को परेशान करना, ऐसे अनेक तरीके से किसानों को विभाग की ओर से परेशान किया जाता है। तहसील से सटे नागपुर जिले में दिन के समय बिजली आपूर्ति शुरू रहती है। मात्र कारंजा तहसील में दिन के समय बिजली आपूर्ति क्यों नही होती है, एेसा प्रश्न किसानों ने उपस्थित किया है। किसानो को फसल की सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली आपूर्ति शुरू की जाए, इस मांग को लेकर शिवसेना के संदीप भिसे के नेतृत्व में किसानो ने बैलगाड़ी लाकर बिजली विभाग के कार्यालय में दस्तक दी। 

इस समय सहायक अभियंता आकाश राजूरकर, नायब तहसीलदार सालवे तथा बिजली विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। इस समय अधिकारियों ने 5 दिन दिन में बिजली आपूर्ति की जाएगी व 2 दिन रात के समय बिजली आपूर्ति की जाएगी, एेसा आश्वासन दिया गया। इस समय संदीप भिसे, विष्णु खवशी, पूर्व पंस सदस्य प्रवीण गवड, राजू सोनारे, काकडा के उपसरपंच वाल्मीक ठाकरे, आजनादेवी के सरपंच मंगेश डोबले, पिपरी के मेघराज खवशी, अजाबराव खवशी, अरविंद चौधरी, दिलीप चौधरी, अनील मजूरकर तथा बडी संख्या में किसान बैलगाड़ी सहित उपस्थित थे।

करीब 20 वर्ष बाद पहला बैलगाड़ी मोर्चा : गत 20 वर्षो से किसानों की समस्या शासन की ओर रखने के लिए आज तक किसी भी नेता ने पहल नहीं की। सोमवार को करीब 20 वर्ष बाद तहसील के किसान ने शिवसेना के संदीप भिसे के नेतृत्व में बैलगाड़ी मोर्चा निकाला। इस समय करीब 25 किसानों ने बैलगाड़ी लेकर बिजली विभाग कार्यालय के सामने मोर्चा निकाला व अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखी।