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गोंडवाना एक्सप्रेस के कोच का पहिया , क्रेक मचा हड़कम्प - बड़ा हादसा होने से टला

गोंडवाना एक्सप्रेस के कोच का पहिया , क्रेक मचा हड़कम्प - बड़ा हादसा होने से टला

डिजिटल डेस्क जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्यालय जबलपुर के कोचिंग डिपो में उस समय हड़कम्प मच गया जब दिल्ली की ओर जाने वाली गाड़ी गोंडवाना एक्सप्रेस का मेन्टेनेंस होने के बाद ट्रेन कोच के बाहर जा रही थी, इस बीच एक कर्मचारी की नजर ट्रेन के कोच नं. 98102 के पहिए पर पड़ गई, जो पूरी तरह से क्रेक था और टूटने की कगार पर था। गोंडवाना एक्सप्रेस के कोच का पहिया क्रेक होने की जानकारी जैसे ही स्टाफ को मिली, कर्मचारियों की सांसें फूल गईं, उन्हें एक पल के लिए यह सोचकर पसीना आ गया कि यदि ट्रेन कोचिंग डिपो से निकल कर प्लेटफॉर्म पर पहुंच जाती और उसमें हजारों यात्री सवार हो जाते और क्रेक पहिया टूट जाता तो न जाने क्या हो जाता... बाद में आनन-फानन में ट्रेन से कोच को अलग करने के बाद दूसरा कोच लगाकर ट्रेन को स्टेशन के लिए रवाना किया गया। इस घटना से कोचिंग डिपो में स्टाफ की लापरवाही के साथ एलएचबी कोच की घटिया क्वालिटी की पोल खुल गई है। हालांकि मामले की जानकारी मिलने के बाद रेल प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
पहिया क्रेक कैसे हुआ
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार गोंडवाना एक्सप्रेस का पहिया क्रेक होने के मामले में रेल प्रशासन ने कोचिंग डिपो के अधिकारियों से कई सवाल किए हैं। जिसमें पूछा गया है कि गोंडवाना एक्सप्रेस के एलएचबी कोच का पहिया कैसे क्रेक हुआ, जब ट्रेन आई तो क्या पहिया पहले से क्रेक था, अगर क्रेक था तो उसकी जांच क्यों नहीं हुई। जब ट्रेन का घंटों तक मेन्टेनेंस किया जा रहा था तब स्टाफ ने कोच के क्रेक हो चुके पहिए को क्यों नहीं देखा। इस तरह के सवालों के जरिए रेल प्रशासन ने कोचिंग डिपो के स्टाफ की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं रेलवे में इस बात को लेकर चर्चा है जब से कोचिंग डिपो में ट्रेनों के मेन्टेनेंस का टाइम 6 घंटे से घटाकर 5 घंटे कर दिया गया है, तभी से इस तरह की हड़बडिय़ों भरी गलतियां हो रही हैं।

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