दैनिक भास्कर हिंदी: गरीब माँ कैसे उठा पाएगी उसके विवाह का खर्च - इसी चिंता का अंत करने बेटी ने कर ली आत्महत्या

June 20th, 2020

डिजिटल डेस्क बालाघाट । दिहाड़ी मजूदर मां की बेबसी और लाचारी को भांपकर एक बेटी ने आत्मघाती कदम उठाकर अपनी शादी के चार दिन पहले जहर खाकर जान दे दी। आर्थिक तंगदस्ती के साए में जीवन गुजार रहे इस परिवार के समक्ष आर्थिक समस्या मुंह बांए खड़े थी। हालात ऐसे बने की मजदूर मां की लाड़ली बेटी मां के परेशानी को देख नही पाई और मौका देख अपनी जीवन लीला समाप्त करने के लिए कीटनाशक का सेवन कर लिया जिसकी उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। 
25 जून को होने थे हाथ पीले 
जानकारी के अनुसार चार दिन बाद 25 जून का युवती का विवाह होने वाला था,  लेकिन शनिवार को घर से उसकी अर्थी उठी। शव को विदा करते हुए न केवल मां रो-रही थी बल्कि हर वह शख्स गमजदा था, जो उस परिवार से जुड़ा और परिचित था।
लांजी के अंधियाटोला का है मामला 
मामला जिले के लांजी क्षेत्र के बहेला थाना अंतर्गत ग्राम अंधियाटोला का हैं। यहां 24 वर्षीय युवती कौशल्या पिता दिलीप चौरागढ़े ने विवाह के चार दिन पहले जहर खाकर जान दे दी। वह मजदूर मां पर विवाह के आर्थिक बोझ से परेशान थी और इसी परेशानी के चलते उसने 19 जून की रात घर में जहरीली दवा का सेवन कर लिया, जिसे मां सरस्वतीबाई ने उपचारार्थ लांजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां से उसकी हालत को देखते हुए उसे जिला चिकित्सालय लाया गया था। जिसकी आज 20 जून को जिला चिकित्सालय में ईलाज के दौरान मौत हो गई। अस्पताल से युवती की मिली तहरीर के बाद अस्पताल चौकी प्रभारी एएसआई लखन भीमटे ने युवती का शव बरामद कर शव पंचनामा कार्यवाही के बाद पीएम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। मामले की अग्रिम जांच बहेला पुलिस द्वारा की जायेगी।
बेटी की मौत के बाद मां ने सुनाई व्यथा 
बेटी की मौत को लेकर पुलिस को दिये गये बयान में मृतिका की मां सरस्वतीबाई चौरागढ़े का कहना रहा कि 23 साल पहले, उसके पति से उसका तलाक हो गया था, जिसके बाद वह मजदूरी कर अपनी दो बेटियों के साथ जीवन निर्वाह कर रही थी।
गोंदिया में हुआ था रिश्ता तय 
मां के अनुसार बड़ी बेटी का विवाह हो चुका था, जबकि छोटी बेटी कौशल्या का विवाह आगामी 25 जून को होना था, जिसकी बारात गोंदिया से आनी थी। मां सरस्वतीबाई ने बताया 19 जून की रात खाना बनने के बाद बेटी कौशल्या को उसने खाने बोला, लेकिन बेटी ने कहा कि वह खाना खा ले, जिसके बाद उसने खाना खाया। वह खाना खाकर उठी ही थी कि तभी देखा कि सामने आंगन से किसी के गिरने की आवाज सुनी। जब जाकर देखा तो बेटी कौशल्या खड़े-खड़े दीवाल से लडखड़़ा रही थी।
मां सरस्वती बाई का कहना रहा पूछने पर बेटी ने बताया कि उसने कचरे में डालने वाली जहरीली दवा खा ली हैं, जिसके बाद उसने आवाज देकर आसपास के लोगों को बुलाया और उनकी मदद से बेटी कौशल्या को लेकर वह ईलाज कराने लांजी अस्पताल पहुंची, जहां से प्राथमिकी उपचार के बाद जहरीली दवा खाने से गंभीर रूप से बीमार कौशल्या को लेकर परिजन रात्रि 1 बजे जिला चिकित्सालय पहुंचे जिसकी शनिवार 20 जून की सुबह लगभग 11.55 बजे मौत हो गई।