दैनिक भास्कर हिंदी: जबलपुर-दमोह सड़क की चौड़ाई नहीं बढ़ाई तो फरवरी 2022 में ही खत्म हो जाएगा टोल

July 26th, 2021

शर्त - कंपनी ने यदि एक नई लेन विकसित कर दी तो 4 साल और वसूल सकेगी टोल, नई लेन में दोनों ओर मिलाकर सड़क की चौड़ाई 21 फीट तक बढ़ानी होगी
डिजिटल डेस्क जबलपुर ।
जबलपुर से दमोह स्टेट हाईवे में चलने के दौरान आदमी टोल तो पूरा देता है लेकिन उसके बदले में वैसी सड़क नहीं है जैसी अमूमन टोल वसूली वाली होती है। इस सड़क की अभी मरम्मत की जा रही है जिससे यह एक बार फिर चर्चा में है। यह मरम्मत भी लंबी प्रक्रिया और सालों की कवायद के बाद आरंभ हो सकी है। सड़क में अब टोल की वसूली फरवरी 2022 तक होगी। करार के अनुसार यदि टोल वसूलने वाली कंपनी ने दोनों ओर सड़क की चौड़ाई करीब 21 फीट तक नहीं बढ़ाई या मार्ग का उन्नयन नहीं किया एक नई लेन विकसित नहीं की तो टोल 2022 में खत्म हो जाएगा। 
कंपनी ने यदि एक लेन विकसित कर दी तो 4 साल और टोल     
 जानकारों का कहना है कि इस मार्ग पर ठेका कंपनी सड़क की मौजूदा चौड़ाई को बढ़ायेगी या अपग्रेड करेगी इसकी संभावना कम है। अभी जो मार्ग की हालत है उसको देखकर लगता है िक आने वाले साल के शुरुआती माहों  में ही इस पर टोल खत्म हो जाएगा। एमपीआरडीसी के एजीएम विनोद श्रीवास्तव कहते हैं कि जो करार है उसके अनुसार ही इसमें टोल की वसूली होगी। शर्त का पालन नहीं होने पर टोल तय सीमा में  खत्म हो जाएगा।
अभी मरम्मत हो रही लेकिन परेशानी बरकरार
निर्माण के वक्त यह था करार 
 जब जबलपुर-दमोह सड़क 101 किलोमीटर के दायरे में बनकर तैयार हुई थी उस वक्त यह करार किया गया था कि इसमें 12 साल टोल वसूला जाएगा। इसके बाद इसमें एक नई लेन यानी करीब 21 फीट चौड़ाई ठेका कंपनी को बढ़ाना होगी। सड़क को पूर्ण रूप से मेनटेन रखना होगा। इस शर्त का लेकिन कंपनी ने अभी तक पालन पूरी तरह से नहीं किया है। ठेका कंपनी की सीएम हेल्पलाइन से लेकर हर स्तर पर शिकायत की गई। लगातार जनता खस्ता हालत को लेकर शिकायत करती रही है। 
50 किलोमीटर में मरम्मत बाकी 
 सड़क को लेकर एमपीआरडीसी के अधिकारियों द्वारा दावा किया जा रहा है कि इसमें 50 किलोमीटर के करीब सुधार हो चुका है। शेष बचा हुआ हिस्सा आने वाले 2 से 3 माह में सुधार दिया जाएगा। अभी जो सुधार हो रहा है उसमें टोल वसूली वाली रकम से ही सुधार हो रहा है। टोल की वसूली एस्क्रोल एकाउंट में जमा होती है और उसी से कंपनी को कर्मचारी और सुधार के लिए भुगतान िकया जा रहा है। 

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