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सारस लैंड होगी बालाघाट की नई पहचान -पूरा किया गणना का कार्य, 

सारस लैंड होगी बालाघाट की नई पहचान -पूरा किया गणना का कार्य, 

डिजिटल डेस्क बालाघाट । बालाघाट देश में सबसे उंचे पक्षियों में शुमार सारस, जिसे इंडियन क्रेन या क्रौंच भी कहा जाता है का नया घरौंदा बन कर सामने आया है। क्षेत्रिय किसानो और युवाओ के प्रयासों से जिले ने सारसों की संख्या के मामले में सारस लैंड के नाम से पहचाने जाने वाले महाराष्ट्र के गोंदिया को पछाड़ दिया है। कलेक्टर दीपक आर्य ने पिछले एक सप्ताह से चल रही सारसों की गणना के आंकड़े आज जारी करतेे हुए कहा है कि बालाघाट की नई पहचान अब सारस लैंड के रूप में भी होगी। पर्यावरण एवं वन्य जीव संरक्षण तथा संवर्धन के लिए कार्यरत संस्था सेवा गोंदिया के अध्यक्ष सावन बहेकार ने तकनीकी आधार पर गणना उपरांत यह आंंकड़े कलेक्टर दीपक आर्य को सौपे जिन्होने इसे आज जारी कर दिया है। प्राप्त आंकड़ो के अनुसार बालाघाट में सारसों की संख्या 58 और पड़ोसी जिले महाराष्ट्र के गोंदिया में यह संख्या 45 से 47 के बीच बताई जा रही है। 
ऐसे हुई सारसों की गणना 
विदित हो की 13 से 18 जून 2020 तक गोंदिया जिले में 23 टीमें तथा बालाघाट जिले में 21 टीमें बनाकर सारस की गणना की गई। यह सभी टीमें प्रतिदिन सुबह 5 बजे से 10 बजे तक विभिन्न स्थानों में प्रत्यक्ष रूप से जाकर सारस के विश्राम स्थलों पर सारस गणना करती थी। बालाघाट जिले में बालाघाट टूरिज्म प्रमोशन काउंसिलग वन विभाग एवं वन्य प्राणी संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े कृषक एवं स्वयंसेवी लोग इस कार्य में लगे रहे सेवा संस्था के सदस्य पूरे वर्ष भर सारस के विश्राम स्थल प्रजनन अधिवास तथा भोजन के लिए प्रयुक्त भ्रमण पद का अभ्यास किया जाता है साथ ही सारस के अधिवास एवं उनके आसपास रहने वाले किसानों को सारस का महत्व बताकर उसके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रेरित किया जाता है।
बाघ और वैनगंगा के इर्दगीर्द है सारसों का डेरा 
बाघ एवं वैनगंगा नदी महाराष्ट्र मध्य प्रदेश के गोंदिया तथा बालाघाट जिलों को विभाजित करती है भौगोलिक दृष्टिकोण से नदी के दोनों ओर के प्रदेश की जैव विविधता में काफी समानता पाई जाती है अत: कुछ सारस के जोड़े अधिवास तथा भोजन के लिए दोनों ओर के प्रदेशों में समान रूप से विचरण करते पाए जाते हैं सीमाओं का बन्धन उनके लिए मायने नहीं रखता है जो मनुष्य के लिए अच्छा सबक है।
सारसों के संरक्षण हेतु कलेंडर लॉच
कलेक्टर दीपक आर्य ने बताया कि जो परिणाम आए हैं उसमें सेवा संस्था वन्य जीव संरक्षण से जुड़े लोग एवं जिले के जागरूक कृषकों के कारण इनकी संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है जो सारस के लिए एक अच्छे संकेत हैं। जिससे जिले का नाम सारस लैंड के नाम से भी जाना जाएगा। कार्यक्रम के अंत में कलेक्टर दीपक आर्य ने सारस संरक्षण से जुड़ी संस्था एवं सभी व्यक्तियों का आभार प्रकट किया। उन्होंने सभी लोगो से अपील की कि सारस संरक्षण हेतु जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि जिले में इनकी संख्या ओर अधिक हो सके । कार्यक्रम में कलेक्टर दीपक आर्य द्वारा सारस संरक्षण हेतु तैयार किए गए पोस्टर का विमोचन किया तथा गणना के दौरान खींची गई फोटो का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सहायक कलेक्टर दलीप कुमार, अभय कोचर, खगेश कावरे, चेतन जतानी, अविजित परिहार, रवि पालेवार उपस्थित रहे।
 

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डिजिटल इंडिया को गति देता रोहित मेहता का Startup Digital Gabbar

डिजिटल इंडिया को गति देता रोहित मेहता का Startup Digital Gabbar

डिजिटल डेस्क,भोपाल। "सफलता सिर्फ उनको नहीं मिलती जो सफल होने की इच्छा रखते है, सफल हमेशा वही होता है जो आगे बढ़ कर उन्हे पाने की चाहत रखते है।" ये उद्धहरण उनके लिए नहीं है जो आराम की जिंदगी को छोड़ कर बाहर नहीं निकालना चाहते, बल्कि ये उनपे लागू होती है जो निरंतर प्रयास करते रहते है।

इसी तर्ज पर चलते हुए, बिहार के पटना के शहर से आने वाले आईटी और तकनीक प्रेमी डबल मास्टर्स डिग्री धारी ने डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय यात्रा शुरू की थी, लेकिन आज वो इस मुकाम पर पहुँचे जाएंगे उन्होंने ऐसा नहीं सोचा होगा, की कुछ साल बाद, वह उन युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगे जो digital content curation में करियर बनाने की इच्छा रखते हैं।

उक्त व्यक्ति और कोई नहीं, बल्कि प्रसिद्ध digital marketer रोहित मेहता हैं, जो एक ब्लॉगर के रूप में उत्कृष्ट हैं और एक प्रख्यात आईटी विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने अपनी ज्ञानवर्धक ई-पुस्तकों के साथ दुनिया के साथ अपने ज्ञान को साझा करते हुए कई अहम भूमिकाएँ निभाई हैं।

एक दशक से अधिक की अवधि के लिए IT industry में काम करने के बाद, रोहित मेहता ने खुद को एक ऐसे tech blogger के रूप में प्रतिष्ठित किया है जो अपने पाठकों के साथ ऐसी तकनीकी ज्ञान को साझा करता है जो उन्हें बेहतर बेहतर बनने में मदद करती है।

हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओ में अपनी किताब को करने वाले रोहित ने ये साबित कर दिया है की डिजिटल मार्केटिंग केवल अंग्रेजी जानने वालों के लिए नहीं है। हिंदी में भी पढ़ कर आप इसे सिख सकते है ओर अपना करियर बन सकते है। इनकी सबसे अधिक लोकप्रिये बुक '15 Proven Secrets of Internet Traffic Mastery' है, जिसमे अपने अनलाईन बिजनस या ब्लॉग पर ट्राफिक (पाठक) लाने के 15 बेहतरीन तरीके बताए है।

आज, रोहित मेहता डिजिटल गब्बर (Digital Gabbar) नामक भारत के सबसे बड़े डिजिटल कंटेंट प्लेटफ़ॉर्म के संस्थापक संपादक हैं, एक अभूतपूर्व विज़न जिसका नेतृत्व डिजिटल उत्साही लोगों के एक समूह द्वारा किया जा रहा है।

जीवन में अपनी विभिन्न गतिविधियों पर रोहित के साथ बातचीत में, वे कहते हैं, " हर दूसरे आदमी की तरह, मैं भी इंटरनेट की दुनिया में नया था जब मैनें इसमे कदम रखा था। शुरू से ही कुछ नया सीखने और उसको साझा करने की चाहते ने मुझे ब्लॉगिंग में अपना करियर शुरू करने की प्रेरणा दी, तब से मैंने पीछे नहीं देखा हर एक नए सुबह के साथ इच्छा सकती मजबूत होती गई, Digital Gabbar शुरू करने से पहले बहुत से ब्लॉग/वेबसाइटें शुरू की मगर खुशी (kick) नहीं मिली”।

"डिजिटल गब्बर केवल एक ड्रीम प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि हमारे पाठकों के साथ जुड़ने का जरिया है जो किसी भी सीमा से परे है। हम ब्लॉगिंग, एफिलिएट से सम्बंधित टिप्स और ट्रिक्स की अपडेटेड जानकारी साझा करते हैं। जैसे : मार्केटिंग, एसईओ, ड्रापशीपिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन मनी मेकिंग, गाइड्स, ट्यूटोरियल्स और बहुत कुछ।  

डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय कैरियर का नेतृत्व करने के बाद, डिजिटल गब्बर की टीम लोकप्रिय डिजिटल मार्केटर्स, ब्लॉगर्स, YouTubers, उद्यमियों के साथ साक्षात्कार की एक श्रृंखला शुरू करने पर विचार कर रही है, ताकि भविष्य में डिजिटल इंडिया उनकी एक झलक दिखा सकें। जीवन की कहानियां जो प्रेरणा मिलती है वो सायद ही किसी और कार्य से मिलती होंगी।

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गब्बर रोहित का लक्ष्य

अपने ब्लॉग डिजिटल गब्बर के अनुशार रोहित बताते है की उनका लक्ष्य सिर्फ जानकारी को साझा करना नहीं है, बल्कि डिजिटल इंडिया के युवाओ से उसको अमल भी करवाना चाहते है। ताकि आने वालों कुछ सालों में डिजिटल के क्षेत्र में इंडिया युवा पीढ़ी किसी से काम न रहे। यही कारण है की इन्होंने डिजिटल गब्बर की शुरुवात हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओ में एक साथ की है।

https://www.digitalgabbar.com/ और https://www.digitalgabbar.in/ क्रमशः रोहित के इंग्लिश और हिंदी के ब्लॉग है।

साथ ही साथ रोहित मेहता ने अपने जैसे युवाओ और start-up को बढ़ावा देने के लिए Indian Gabbar के नाम से एक साइट शुरू किया है। Digital Gabbar सभी उधमी और startup को Indian gabbar के रूप में संबोधित करते हुए उनकी आर्टिकल को बिल्कुल मुफ़्त में साझा कर रहा है।

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