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 लॉकडाउन ने बदला वाइल्ड लाइफ  सफारी का तरीका -वर्चुअल सफारी के जरिये जंगलो की सैर 

 लॉकडाउन ने बदला वाइल्ड लाइफ  सफारी का तरीका -वर्चुअल सफारी के जरिये जंगलो की सैर 

डिजिटल डेस्क बालाघाट । मध्यप्रदेश जो कि देश का टाइगर स्टेट भी है यहां के वाइल्ड लाइफ पार्क हमेशा से दुनिया भर के नेचर फ्रिक और वाइल्डलाइफर के आकर्षण का केंद्र रहे हैं। लॉकडाउन में प्रदेश सहित देश भर की ये  सभी सेंचुरीयां बंद है और प्रकृति प्रेमी उदास, जिसका कारण वनों और वन्यजीवन के करीब ना जा पाने की कसक हैं। इससे वन्यजीव पे्रमियों को निजात दिलाने के साथ ही जैव विविधता से जोड़ रखने के लिये मध्यप्रदेश वन विभाग ने एक अनोखा तरीका निकाला है, यह तरीका है वर्चुअल सफारी का जिसमें वन विभाग के एक फेसबुक पेज एमपी टाईगर फाउंडेशन के जरिए हर रविवार को प्रदेश के 1 नेशनल पार्क की आप फ्री विजिट कर सकते है। वह भी लाईव, इस सफरी में वन अमला लॉकडाउन के समय किस तरह से काम कर रहा हंै के साथ-साथ ही देश के विख्यात वाइल्डलाइफर से लाइव चैट के जरिए आप वन्य जीवन के बारे में जानकारी भी हासिल कर सकते हैं।
बच्चो के लिये भी आकर्षण बनी लाईव सफारी, पेंच के जंगल, बांधवगढ़ के हाथी और कान्हा की सैर का उठा रहे लुफ्त
अगर आप किसी जंगल की सैर पर हैं और आपको तलाब में मस्ती करता हाथियों का झुंड दिख जाए तो आपके एडवेंचर का ठिकाना ना रहें। मध्यप्रदेश के टाइगर रिजर्व और वन्य अभ्यारण इन दिनों आपको ऐसी ही सफारी करा रहे हैं और वह भी ऑनलाइन, क्या वाइल्ड लाइफर और क्या बच्चे ऐसे लाखो लोग घर बैठे देश के सबसे विख्यात कान्हा बांधवगढ़ और पेंच जैसे नेशनल पार्कों की वर्चुअल सफारी का लुफ्त उठा रहे। जिसमें पिछले हफ्ते बंाधवगढ़ का हाथियों का स्नान और कान्हा के जंगलो को लाईव देखना सब के लिये विशेष आकर्षण का केन्द्र रहा। 
लाईव सफारी के लिये आप को करना होगा यहां लॉग इन
सूचना प्रौद्योगिकी के दौर में स्मार्ट फोन और फेसबुक जैसी एप अब बेहद लोकप्रिय है। ऐसे में यदि आप को लाईव सफारी का लुफ्त उठाना हैं तो आप को बस इतना करना है कि एमपी टाईगर फाउंडेशन के एफबी पेज को लाईक करना है। जिसके बाद आप बिना नेश्नल पार्क गये भी वहां की लाईव सफारी का लुफ्त उठा सकते है। साथ ही आप देश विदेश के विख्यात वाईल्ड लाईफरो से लाईव चैट कर आप अपनी वन्यजीवन से जुड़ी जिज्ञासाओं को शांत भी  कर सकते है। 
इनका कहना है...
मध्यप्रदेश में भी देश के अन्य हिस्सों की तरह ही लॉकडाउन के दौरान वन्यजीव प्रेमी सेंचुरी से पूरी तरह कट गए थे। जिसको लेकर लाईव सफारी शुरू करने का आईडिया आया। और अब प्रदेश ही नहीं देशभर के लाखों पर्यावरण और प्रकृति प्रेमी वर्चुअल सफारी से जुड़े हैं। लोगों को जंगलों से जोड़कर ही वनों की सुरक्षा संभव है।
रजीनश सिंह, वन अधिकारी 
मार्च के बाद से लॉकडाउन घोषित होने के कारण देशभर के पर्यटक वाइल्ड लाइफ से काट गए थे जिसके बाद हमने तय किया कि हम वर्चुअल सफारी शुरू करें और लोगों को बायोडायवर्सिटी से इस तरह से जोड़ा जाये। देशभर से लोग फेसबुक के माध्यम से इस लाइव सफारी को देख रहे हैं और अपने आप को जंगलों से जुड़ा महसूस कर वाइल्ड लाइफ को लेकर अपनी जिज्ञासा पूरी कर पा रहे हैं। 
राजेश श्रीवास्तव,
पीसीसीएफए वाइल्ड लाइफ  मप्र भोपाल
 

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