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नक्सली कमांडर के आदेश पर हुई थी मेघलाल की हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार

नक्सली कमांडर के आदेश पर हुई थी मेघलाल की हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार



डिजिटल डेस्क बालाघाट।  लांजी पुलिस ने दो हत्याओं के एक आरोपी को गिरफ्तार किया हंै, जिसको लेकर यह दावा किया जा रहा है कि गुलाब टेकाम पिता मेहतर लाल टेकाम 34 वर्ष नामक युवक नक्सलियों का साथी हंै जो कि गांव में अपनी पहचान छुपाकर एक किसान के रूप में रह रहा था। युवक को दो हत्याओं के मामले में गिरफ्तार किया गया हैं। पुलिस रिकार्ड में युवक के नक्सली होने की कोई जानकारी नही हंै। लेकिन लांजी के एसडीओपी ने यह दावा किया है कि युवक नक्सलियों के साथ सक्रिय था और किसान के रूप में गांव में निवास कर रहा था। इस संबंध में लांजी के एसडीओपी नितेश भार्गव ने बताया की लांजी थाना क्षेत्र अंर्तगत आने वाले ग्राम चिलकोना में विगत 17 नवंबर 2019 को एक मेघलाल नामक व्यक्ति की हत्या हुई थी, जिसके संंबंध में यह जानकारी मिली थी कि उक्त व्यक्ति को दो महिला एवं एक पुरूष नक्सलियों ने घर से उठाकर ले जाकर सिर पर किसी भारी वस्तु से चोट कर मृत्युकारित कर दिया था। जिसका बाद में कंकाल मिला था। जिसकी पुष्टी डीएनए के माध्यम से मेघलाल निवासी चिलकोना के रूप में हुई थी। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन में मामले की जांच की गई। जिसमें विश्वसनीय मुखबिर के माध्यम से उक्त युवक के शामिल होने की जानकारी मिलने के बाद आरोपी को पूछताछ हेतु लाया गया था। जहां उसने इस घटना में शामिल होने की बात स्वीकारी जिसके बाद उक्त आरोपी के घर से हत्या में उपयोग की गई भरमार बंदूक बरामद की गई।
खोला हत्या का राज-  
गत वर्ष 17 नवंबर को हूई मेघलाल की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी के नक्सलियों से जुड़े होने की जानकारी लांजी के एसडीओपी नितेश भार्गव ने दी है। उन्होने बताया की आरोपी ने पुलिस को दिये अपने ब्यान में बताया की उसके द्वारा हत्या किये गये मेघलाल ने दो वर्ष पूर्व जयपाल पंद्रे का मंझला लड़का और राधेलाल की औरत को जादूटोना कर मार दिया था। जिसकी जानकारी आरोपी द्वारा शेरसिंह उर्फ रघू नाम के नक्सली कमांडर को दी गई थी। मेघलाल को बार-बार समझाने पर जब उसने जादू टोना नही छोड़ा तो नक्सली कमांडर के आदेश पर उसने अपने साथी नक्सलियों के साथ मिल कर मेघलाल को बंदूको की बट से मार मार कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी के घर से घटना में उपयोग की गई भरमार बंदूक भी जप्त की है।
घर के पीछे कर रहा था गांजे की खेती
किसान के रूप में गांव में रह रहा कथित नक्सली अपने घर के पीछे गांजे की खेती भी करता था, जिसके खेत से पुलिस ने 26 व्यस्क गांजे के पेड़ बरामद किये है। इन दोनो मामलो में पुलिस ने आरोपी गुलाब टेकाम पिता मेहतर लाल टेकाम 34 वर्ष के विरूद्ध धारा 323, 364,365,302,201 तथा एनडीपीएस. एक्ट की धारा 8-20 के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में लांजी एसडीओपी नितेश भार्गव सहित संतोष पंद्रे टी.आई. लांजी, उनि राकेश बघेल, उनि संजीत मावई, प्रआर उमेश मिश्रा, आरक्षक विरेन्द्र, मनीजर, सुनिल वर्मा, सुजित पाल, सतेन्द्र परमार, विरेन्द्र सिसोदिया, चंचलेश, यश्वंत, अमरसिंह की भूमिका प्रमुख रही है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।