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बेचने के पहले ही सिरौंजा में व्यापारी की पकड़ी तीन सौ क्विंटल धान

बेचने के पहले ही सिरौंजा में व्यापारी की पकड़ी तीन सौ क्विंटल धान


डिजिटल डेस्क कटनी। उत्तरप्रदेश एवं पंजाब की धान शासकीय खरीदी केन्द्रों में बेचने की जुगत जुटे व्यापारियों को इस बार प्रशासन की मुस्तैदी से सफलता नहीं मिल पा रही है। शुक्रवार रात बरही तहसील के ग्राम सिरौंजा गड़रिया में कंछेदी लाल चौधरी के घर से तीन सौ क्विंटल धान जब्त की।  पकड़ी गई धान की कीमत साढ़े पांच लाख रुपये बताई जाती है। यह धान नदावन के व्यापारी राहुल गुप्ता ने उत्तरप्रदेश से मंगाकर उक्त व्यक्ति के घर पर रखी थी। बरही तहसीलदार एस.एन.त्रिपाठी ने बताया कि सिरौंजा गड़रिया में कंछेदी लाल चौधरी के घर में बड़ी मात्रा में उत्तरप्रदेश की धान रखी होने की सूचना मिलने पर पुलिस बल के साथ जाकर जांच की। मकान मालिक ने बताया कि उक्त धान नदावन के राहुल गुप्ता की। जिस पर पंचनामा बनाकर मकान मालिक के ही सुपुर्द किया एवं अग्रिम कार्यवाही के लिए खाद्य एवं  आपूर्ति विभाग को सूचना दी गई।
सिकमी के नाम खेल-जानकारी के अनुसार किसानों का पंजीयन कराकर सिकमी के नाम पर व्यापारियों द्वारा समर्थन मूल्य पर बाहर की धान बेच दी जाती है। उत्तरप्रदेश एवं पंजाब से 1200 से 1300 रुपये प्रति क्विंटल धान मंगाकर व्यापारी जमकर मुनाफा कमाते हैं।
जिले के बहोरीबंद, रीठी, स्लीमनाबाद, बरही एवं विजयराघवगढ़ क्षेत्र में ऐसा खेल लम्बे अर्से से चल रहा है। जिसमें खरीदी केन्द्र प्रभारी, सर्वेयर, नागरिक आपूर्ति निगम के कर्मचारी की मिलीभगत रहती है। इस बार जब जिला कलेक्टर ने सख्ती दिखाई और खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण करने 36 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई तो बिचौलिये ने खरीदी केन्द्रों से दूरी बना ली। यही कारण है कि बम्पर आवक वाले केन्द्रों में भी एमएमएस जारी होने के बाद 40 से 50 फीसदी किसान उपज लेकर नहीं पहुंचे।
तीन खरीदी प्रभारियों को हटाया-
क्षेत्र में शनिवार को सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त डॉक्टर अरुण मसराम दौरे पर रहे। इस दौरान तीन जगहों से खरीदी प्रभारियों को हटाते हुए अन्य लोगों को यह संदेश दिया कि धान खरीदी में मनमानी किसी तरह से बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुहास के खरीदी प्रभारी  ने पांच हजार क्विंटल अमानक धान खरीद लिए थे। प्रभारी को हटाते हुए निलंबन की कार्यवाही की। इसके साथ उपार्जन केन्द्र कांटी से भी खरीदी प्रभारी अजीत दुबे को भी हटाते हुए निलंबित किया गया। देवरी खडग़ंवा प्रभारी उत्तम दुबे को भी खरीदी से पृथक किया गया है।
इनका कहना है-
सूचना मिलने पर सिरौंजा गड़रिया में कंछेदी लाल चौधरी के घर पर दबिश दी थी। वहां से तीन सौ क्विंटल धान मिली, मकान मालिक ने उक्त धान नदावन के राहुल गुप्ता की होना बताया था। पंचनामा बनाकर धान कंछेदीलाल चौधरी के सुपुर्द कर दी गई है। इसकी सूचना सहायक आपूर्ति अधिकारी को दे दी गई।
-एस.एन.त्रिपाठी तहसीलदार बरही

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।