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दादागिरी से तंग आकर की युवक की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

दादागिरी से तंग आकर की युवक की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क,सतना। नागौद थाना अंतर्गत पतौरा के पास एक खेत में युवक का शव मिलने की सनसनीखेज घटना का खुलासा कर पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने मृतक की वादाखिलाफी और दादागिरी से तंग होकर योजनाबद्ध तरीके से उसे मौत के घाट उतार दिया। उक्त जानकारी देते हुए पुलिस कप्तान रियाज इकबाल ने बताया कि विगत 27 अगस्त की सुबह पतौरा के पास खेत में अज्ञात युवक का शव मिला था, जिसकी पहचान अगले दिन अमित पांडेय पुत्र रामप्रताप 30 वर्ष निवासी झंड थाना रामपुर बाघेलान के रूप में की गई, जिसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रॉड या डंडे से सिर और सीने पर प्रहार करने से आई चोटों के चलते मौत होने की बात पता चली, तब धारा 302, 201 का अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई।

इसी दौरान परिजन से पूछताछ में ज्ञात हुआ कि 26 अगस्त की दोपहर को वह अपने गांव के ही धीरेन्द्र सिंह पटेल उर्फ लुईया पुत्र बाबूलाल ने 28 वर्ष के साथ निकल गया था और रात में वापस नहीं आया। इस बयान के आधार पर धीरेन्द्र की तलाश करते हुए जल्द ही एक रिश्तेदार के घर से पकड़ लिया गया। पहले तो उसने अनजान बनकर गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब सख्त रूख अपनाया गया तब आरोपी ने देवरा निवासी दीपू उर्फ दिवाकर मिश्रा पुत्र ईश्वनदीन मिश्रा 30 वर्ष के साथ मिलकर हत्या करने का जुर्म स्वीकार कर लिया। धीरेन्द्र की निशानदेही पर मुख्य आरोपी दीपू को 2 सितम्बर की रात घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। 

स्टोन क्रेशर में दबने से श्रमिक की मौत

जिले के नादन देहात थाना क्षेत्र के बरहिया गांव में दोपहर को एल एंड टी के स्टोन क्रेशर में दबने से 30 वर्षीय एक श्रमिक की मौत हो गई।  श्रमिक अंगद कोल पिता धुनी नादन देहात थाना इलाके के ही हटिया गांव का रहने वाला था। घटना के प्रत्यक्षदर्शी एक अन्य श्रमिक रामपाल कोल ने पुलिस को बताया कि दोपहर साढ़े 3 बजे के करीब ये हादसा उस वक्त हुआ जब स्टोन क्रेसर को खोलने के लिए जैक लगाकर उसे ऊपर की ओर चढ़ाया गया। बताया गया है कि इसी दौरान क्रेशर नीचे की ओर गिरा और पास में ही काम कर रहा श्रमिक अंगद  कोल उसकी चपेट में आने के कारण दब गया। उसे संदीप पाल समेत अन्य साथी श्रमिक तत्काल लेकर मैहर के सिविल अस्पताल पहुंचे, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने अंगद कोल को मृत घोषित कर दिया। मैहर पुलिस ने मर्ग पर कायमी करते हुए जांच शुरु कर दी है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।