दैनिक भास्कर हिंदी: राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस आज - कोरोना ने समझा दिया टीकाकरण का महत्व

March 16th, 2021

बच्चों के जन्म के साथ 5 महीने तक कुछ टीके लगवाना हैं जरूरी
*आज ही के दिन हुई थी पल्स पोलियो अभियान की शुरूआत
डिजिटल डेस्क जबलपुर ।
कोरोना महामारी ने एक बार फिर हमें वैक्सीनेशन का महत्व बताया है। इस वक्त हमारे देश में भी कोराना टीकाकरण अभियान चल रहा है। विशेषज्ञों का माानना है कि वैक्सीन, घातक और खतरनाक बीमारियों को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है। दुनिया भर में चलाए गए व्यापक टीकाकरण अभियान की वजह से आज चेचक, खसरा, टेटनस जैसे अत्यधिक संक्रामक और खतरनाक बीमारियाँ खत्म हो चुकी हैं। ऐसे में आने वाले समय में स्थितियाँ और भी खतरनाक हो सकती हैं। इसलिए बच्चों के जन्म के साथ 5 महीने तक उन्हें कुछ जरूरी टीके लगवाने ही चाहिए, जिससे कि कई बीमारियों से बचाव के साथ उनके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सके। आज 16 मार्च को पूरे भारत में राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 1995 में आज के दिन ही मुँह के जरिए पोलियो वैक्सीन की पहली खुराक दी गई थी। भारत से पोलियो की जड़ खत्म करने का अभियान पल्स पोलियो कैम्पेन के जरिए सरकार द्वारा शुरू किया गया था। 2014 में, भारत को पोलियो मुक्त देश घोषित किया गया था। 
ये टीके हैं बेहद जरूरी 
टीडी 

 गर्भवती महिला एवं गर्भ में पल रहे शिशु को टिटेनस की बीमारी से बचाने के लियेटिटेनसटाक्साइड 1 / बूस्टर टीका और दूसरा टीका एक महीने के अंतर में लगाया जाता है। यह डिफ्थीरिया से भी बचाता है। 
हेपेटाइटिस बी 
 हेपेटाइटिस बी वायरस के संक्रमण से लीवर में सूजन आ जाती है, पीलिया हो जाता है और लंबे समय तक संक्रमण के बाद लीवर कैंसर का भी खतरा हो सकता है। 
डीपीटी 
 डीपीटी टीकों की एक श्रेणी होती है, जो इंसानों को होने वाले तीन संक्रामक बीमारियों डिफ्थीरिया, पर्टुसिस (काली खाँसी) और टिटनेस से बचाव के लिए दिए जाते हैं।
पोलियो 
पोलियो का टीका पोलियो नामक बीमारी जिसमें बच्चे अपंग हो जाते हैं से सुरक्षा प्रदान करता है। ये टीका भी बच्चों को जरूर लगवाना चाहिए।
बीसीजी 6बच्चे को टीबी से बचाने के लिए अनिवार्य रूप से बीसीजी का टीका लगवा दें। यह शिशु के लिए जरूरी है। 
हिब वेक्सीन 
यह टीका बच्चों को डिफ्थीरिया, काली खाँसी, टेटनस, हेपेटाइटिस-बी और एच इन्फलांजी-बी से सुरक्षित रखता है। हिब बेक्टीरिया के संक्रमण से न्यूमोनिया एवं मष्तिष्क ज्वर जैसी गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं। 
एमआर 
 मीजेल्स और रूबीला जैसी बीमारियों से बचने के लिए गर्भवती होने से पूर्व यह टीका महिलाओं को लगाया जाता है।  
रोटा 
 इस टीके में कुछ महीनों के अंतराल में 5 बूँदे बच्चे को पिलाई जाती हैं, यह 10 रोगों से बचाता है।  
इनका कहना है
जिले में 11 जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए लगातार टीकाकरण कार्यक्रम जारी है। सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों पर ये टीके नि:शुल्क लगाए जाते हैं, ऐसे में टीकाकरण जरूर कराना चाहिए। 
डॉ. एसएस दाहिया, जिला टीकाकरण अधिकारी  

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