दैनिक भास्कर हिंदी: पुलिस एनकांउटर में मारे गए अपने साथियों का बदला लेने नक्सलियों ने की थी युवक की हत्या 

June 9th, 2020

डिजिटल डेस्क बालाघाट। यहां एक गांव में नक्सलियों द्वारा युवक की हत्या किए जाने के संबंध में पुलिस जांच में जो तथ्य उभर कर सामने आए हैं उसके अनुसार 10 जुलाई 2019 को पुजारीटोला में पुलिस एनकांउटर में मारे गए अपने दो साथियों का बदला लेने के लिए ही नक्सलियों ने युवक की हत्या की है ।  घटना के संबंध में पुलिस जानकारी के अनुसार घटना जिले के लांजी थाना अंतर्गत देवरबेली पुलिस चौकी के नेवरवाही के पास की हैं। पुलिस ने मौके से 25 वर्षीय युवक सोनू पिता चैतराम टेकाम का शव बरामद किया  10 जुलाई 2019 को पुजारीटोला में  पुलिस-नक्सली मुठभेड़ के दौरान महिला नक्सली नंदे एवं मंगेश को पुलिस ने एनकांउटर में मार गिराया था जिसके बाद से नक्सली मृतक पर मुखबिरी का संदेह व्यक्त कर रहे थे। नक्सलियों द्वारा मारे गए युवक सोनू टेकाम उम्र 25 वर्ष लगभग छह-सात वर्षो से हैदराबाद में मजदूरी करता था। कोरोना आपदा में 20 दिन पहले वह अपने घर पैदल पुजारीटोला अन्य साथियों के साथ पहुंचा था। सूत्रों के अनुसार इसके पूर्व नक्सलियों द्वारा जब भी घटना को अंजाम दिया जाता था तो पहले गांव में अदालत लगाई जाती थी और ग्रामीणजनो को एकत्रित कर सरेआम गोली मारते थे, लेकिन इस बार लांजी थाना अंतर्गत पुलिस चौकी देवरबेली के ग्राम पुजारीटोला में न तो नक्सलियों ने अपनी अदालत लगाई और ना ही ग्रामीणो को सूचना दी। मुखबिरी के संदेह में ग्राम पुजारीटोला के युवक को सूने में ले जाकर सीने पर सीधे गोली मार दी।
घर से बुलाकर ले गए थे युवक को 
पुलिस जानकारी के अनुसार नक्सलियों द्वारा रविवार की रात्रि 10 बजे सोनू को घर से बुलाकर ले गए थे। मृतक सोनू को घर से बुलाने एक व्यक्ति आया था। युवक को ले जाने की जानकारी परिजनों को भी नही लग पाई। सोमवार को सोनू को ढूंढा गया और मंगलवार की सुबह  सोनू का शव गांव के समीप नेवरवाही सड़क के किनारे मिला। शव के पास से नक्सलियों द्वारा छोड़ा गया एक एक पर्चा भी बरामद किया गया हैं। 
शव के पास मिला पर्चा   
युवक के शव के पास ही एक सफेद कागज में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का हस्तलिखित चेतावनी पत्र भी मिला है। जिसमें पार्टी ने स्वीकार किया है कि सोनु की मुखबिरी की शक पर हत्या की गई है। पुलिस मुखबिर को चेतावनी देते हुए भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने पत्र में लिखा है कि सोनु मुखबिर का काम करता था, इसलिए पीएलजीए, सोनु को मौत की सजा देता है। पत्र के माध्यम से पार्टी ने पुलिस मुखबिरी का काम करने वालों लोगों से मुखबिर को छोडऩे और जिंदगी का रास्ता पकड़कर, आम जनता में माफी मांगने और जनता के साथ मिलजुलकर रहने की बात कही है। 
इनका कहना है
नेवरवाही के पास युवक का शव मिला है। जिसके शव को पुलिस द्वारा बरामद कर लिया गया हैं। मामले की पूरी विवेचना की जा रही है।नक्सलियों की यह घटना ग्रामीणों को प्रताडि़त करने की है, जो ग्रामीणों में डर का माहौल पैदा करना चाहते है, लेकिन ग्रामीणों को डरने की आवश्यकता नहीं है, ग्रामीण, नक्सलियों के खिलाफ  साहस और निडरता का परिचय दे।
अभिषेक तिवारी, पुलिस अधीक्षक