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करंट की चपेट में आने से मजदूर की मौत , सड़क पर शव रखकर ग्रामीणों ने किया विरोध

करंट की चपेट में आने से मजदूर की मौत , सड़क पर शव रखकर ग्रामीणों ने किया विरोध

कार्य के लिए नहीं ली थी अनुमति कार्यपालन अभियंता ने किया खुलासा
 डिजिटल डेस्क अनूपपुर।
अनूपपुर से चचाई मुख्य मार्ग पर पोल शिफ्टिंग का कार्य एनर्जी सॉल्यूशन नामक कंपनी द्वारा किया जा रहा है। 11 अक्टूबर को कार्य के दौरान विद्युत पोल का हाई टेंशन वायर के संपर्क में आ जाने से 5 मजदूर घायल हो गए थे जिनमें से एक की मौके पर ही मौत हो गई थी। शटडाउन के लिए अनुमति और निर्धारित अवधि की बात को लेकर ठेकेदार और विद्युत महकमे द्वारा एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप किया जा रहा था। वही 12 अक्टूबर को मृतक रामपाल बैगा पिता संतलाल बैगा के परिजनों और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने चचाई वितरण केंद्र के समीप मुख्य मार्ग शव को सड़क पर रखते चक्का जाम किया। जिसके बाद डिप्टी कलेक्टर विजय डेहरिया और एसडीओपी अनूपपुर सुश्री कीर्ति बघेल मौके पर पहुंची और उन्होंने लोगों को समझाइश दी जिसके बाद लोग शव के अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
यह था मामला
रविवार को दोपहर लगभग 1 : 45 बजे मेडियारास फीडर में 11 केवी पोल शिफ्टिंग के दौरान विद्युत पोल हाई टेंशन वायर की संपर्क में आ गया था, जिसमें रामपाल बैगा की मौके पर ही मौत हो गई थी वही सुमित साहू नितिन चौरसिया दादू बैगा व अनुज मेहरा घायल हो गए थे जिन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।डिप्टी कलेक्टर द्वारा इन्हें भी आर्थिक सहायता प्रदान कराई गई है।
परिजनों ने किया चक्काजाम
11 अक्टूबर की शाम आनन-फानन में मृतक का पीएम करा दिया गया था। जिसके बाद 12 अक्टूबर को नाराज ग्रामीणों ने चचाई विद्युत वितरण केंद्र के समीप मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया।साथ ही उन्होंने शव के अंतिम संस्कार से भी इंकार कर दिया 200 से ज्यादा ग्रामीण सड़क पर उतर आए थे ठेकेदार पर कार्रवाई व मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीण 2 घंटे तक सड़क पर डटे रहे।
मौके पर पहुंचे डिप्टी कलेक्टर
मुख्य मार्ग पर चक्का जाम और हंगामे की खबर मिलते ही डिप्टी कलेक्टर विजय डेहरिया मौके पर पहुंचे जहां उन्होंने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए एनर्जी सॉल्यूशन कंपनी के कर्मचारियों अधिकारियों को भी बुलाया दोनों पक्षों की उपस्थिति में 4 लाख रुपए की सहायता राशि मृतक के पिता संतलाल को दिलवाई। साथ ही अंत्येष्टि के लिए 30 हजार रुपए भी प्रदान कराएं, जिसके बाद भीड़ का आक्रोश कम हुआ और वे अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
यह भी हुआ खुलासा
विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता बीके द्विवेदी ने बताया कि संबंधित ठेकेदार द्वारा जिस जगह पर कार्य कराया जा रहा था उस जगह पर शटडाउन की अनुमति नहीं ली गई थी। ठेकेदार द्वारा 11 केवी जैतहरी और 11 केवी चचाई मैं कार्य के लिए अनुमति मांगी थी।जिसके लिए भी सिर्फ 1 बजे तक का समय दिया गया था। वही 220 केवी ट्रांसमिशन ने भी शटडाउन की अनुमति मांगी थी जिन्हें भी 1 बजे तक का ही समय दिया गया था, परमिशन कैंसिल होने के बाद भी ठेकेदार द्वारा कार्य कराया जा रहा था जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। पुलिस द्वारा भी इस मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।
इनका कहना है
जिस स्थल पर कार्य किया जा रहा था वहां की अनुमति नहीं ली गई थी, वही शट डाउन की परमिशन कैंसिल होने के बाद भी कार्य कराया जाना पाया जा रहा है, जिसकी जांच की जा रही है।
बीके द्विवेदी कार्यपालन अभियंता, मप्रपुविविक्षेकंलि अनूपपुर
लोगों को समझाइश देते हुए ठेकेदार से सहायता राशि प्रदान करा दी गई है। वहीं इस पूरे मामले की जांच चचाई पुलिस द्वारा भी की जा रही है।
विजय डेहरिया डिप्टी कलेक्टर अनूपपुर
 

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