comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

नई दिल्ली: सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 संहिता पर केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने मसौदा अधिनियम को अधिसूचित किया

November 16th, 2020 15:12 IST
नई दिल्ली: सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 संहिता पर केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने मसौदा अधिनियम को अधिसूचित किया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। श्रम और रोजगार मंत्रालय सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 संहिता पर केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने मसौदा अधिनियम को अधिसूचित किया। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालयने सामाजिक सुरक्षासंहिता, 2020 पर मसौदा अधिनियम को 13 नवंबर 2020 कोअधिसूचित किया और किसी भी पक्ष को इसके संबंध में कोई आपत्ति या सुझाव हैतो उन्हें आमंत्रित किया। अगर किसी को कोई आपत्ति है या कोई इस मसौदे परअपने सुझाव देना चाहता है तो अधिनियम मसौदा की अधिसूचना के 45 दिन के भीतरउसे भेज सकता है। सामाजिक सुरक्षासंहिता, 2020 के अंतर्गतसंशोधित प्रावधान भवन निर्माण में लगे मजदूर, असंगठित क्षेत्र के कामगारों, टमटम कर्मी और प्लेटफार्म कामगारों के लिए विभिन्न प्रकार के सामाजिकसुरक्षा प्रावधानों में बदलाव होगा, जिसमें कर्मचारी भविष्य निधि, कर्मचारीराज्य बीमा निगम, ग्रेच्युटी तथा मातृत्व लाभ से जुड़े बदलाव शामिल हैं। मसौदा नियम असंगठित क्षेत्र, टमटम कर्मी औरप्लेटफार्म कामगारों को केंद्र सरकार के पोर्टल पर आधार की मदद से स्वतःपंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराएगा। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने ऐसे पोर्टलको विकसित किए जाने के लिए पहले ही कदम उठाए हैं। इस अधिनियम के तहतसामाजिक सुरक्षा के प्रस्तावित लाभ प्राप्त करने के लिए असंगठित क्षेत्र याटमटम कर्मी या प्लेटफार्म कामगारों को चिन्हित योजना के विवरण के साथपोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। यह अधिनियम अन्य निर्माण कामगारों को केंद्रसरकार और राज्य सरकार या राज्य कल्याण बोर्ड की चिन्हित वेबसाइट पर आधारआधारित पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराएगा। इन बदलावों के चलते भवन निर्माणमे लगे मजदूर अगर एक राज्य से दूसरे राज्य में जाते हैं तो उन्हें सामाजिकसुरक्षा के सभी लाभ जिस राज्य में वह काम कर रहे हैं वहां पर प्राप्त होगाऔर ऐसे कामगारों को सामाजिक सुरक्षा के लाभ उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारीउस राज्य के भवन निर्माण कर्मी कल्याण बोर्ड की होगी। इन नियमों में ऐसे मजदूरों के लिए भीग्रेच्युटी के प्रावधान किए गए हैं जिन्हें निर्धारित अवधि के लिए रोजगारउपलब्ध कराया जा रहा है। इन नियमों में उपलब्ध प्रावधान से किसीप्रतिष्ठान के लिए एकल इलेक्ट्रॉनिक पंजीकरण कराना होगा जिसमें व्यवसायिकगतिविधियों के बंद होने की स्थिति में पंजीकरण का निरस्तीकरण भी शामिल है। ईपीएफओ और ईएसआईसी के दायरे से किसीव्यवसायिक प्रतिष्ठान के बाहर होने के संबंध में नियम और शर्तों के भीप्रावधान इसमें किए गए हैं। भवन निर्माण या अन्य निर्माण कर्मियों के लिएसेस का भुगतान और स्वतः आंकलन की प्रक्रिया को इन नियमों में विस्तार सेउल्लेखित किया गया है। स्व आकलन के उद्देश्य से रोजगार प्रदाता को राज्य केलोक निर्माण विभाग या केंद्रीय लोक निर्माण विभाग या रियल स्टेट नियामकप्राधिकरण को जमा कराए गए दस्तावेज या रिटर्न के आधार पर निर्माण लागत कीगणना करनी होगी। सेस के भुगतान में देरी पर लगाए जाने वालेब्याज दर को भी प्रतिमाह 2% से घटाकर 1% किया गया है। वर्तमान में मौजूदनियमों के आधार पर आकलन अधिकारी को यह निर्देशित करने का अधिकार था किनिर्माण स्थल से कोई भी निर्माण सामग्री या मशीन को हटाया नहीं जा सकता औरउसे प्रभावित नहीं किया जा सकता। ऐसे अधिकारों से निर्माण कार्य कोअनिश्चितकाल के लिए रोका जा सकता था, अतः मसौदा नियमों में इसे खत्म करदिया गया है। अब आकलन अधिकारी निर्माण स्थल का दौरा कर सकता है लेकिन उसकेलिए उसके पास भवन और अन्य निर्माण कर्मचारी बोर्ड के सचिव की मंजूरीप्राप्त हो। मसौदा नियमों में भुगतान संबंधी दिशा निर्देश भी तय किए गए हैं। सामाजिक सुरक्षा संहिता के तहत नियमों की मसौदा अधिसूचना के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।

कमेंट करें
7bB3V
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।