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नक्सलियों को आश्रय देने 3 ग्रामीण गिरफ्तार , हत्या करने वाले ठहरे थे इनके घर

नक्सलियों को आश्रय देने 3 ग्रामीण गिरफ्तार , हत्या करने वाले ठहरे थे इनके घर

डिजिटल डेस्क, बालाघाट। नक्सलियों के आश्रम देने के मामले में लांजी पुलिस ने तीन ग्रामीणों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जानकारी के अनुसार गत 9 जुलाई को पुलिस अधीक्षक  के पास ग्राम मुण्डा में ब्रजलाल पंद्रे की हत्या में संलिप्त नक्सलवादी आरोपीगण के ग्राम पुजारीटोला नेवारवाही में पुसुलाल टेकाम के मकान में आकर रूकने की सूचना मिली थी।

घर में छुपे नक्सलियों ने की थी फायरिंग 

इस मामले में पुलिस महानिरीक्षक के.पी. वेंकाटेश्वर राव एवं पुलिस उप महानिरीक्षक आर.एस. डहेरिया के निर्देशन में जिला पुलिस बल बालाघाट के पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी एवं हॉक फोर्स के कमाडेण्ट तरूण नायक के नेतृत्व में संयुक्त घेराबंदी की गई थी जिसमें ग्राम नेवरवाही के पुजारीटोला में पुलिस बल के द्वारा गिरफ्तारी की चेतावनी दिये जाने पर नक्सलवादियों के द्वारा पुलिस बल पर जान से मारने की नियत से अंधाधुंध फायरिंग की थी जिस पर थाना लांजी में अपराध क्रमांक 200/19 धारा 307,147,148,149,120 बी, 25,27 आयुध अधिनियम, विधि विरूद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।

नक्सलियों को दी थी पनाह 

उक्त अपराध में  पुलिस महानिरीक्षक बालाघाट एवं उप पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी के द्वारा अति. पुलिस अधीक्षक बालाघाट आकाश भूरिया एवं अनु. विभागीय अधिकारी पुलिस नितेश भार्गव को नक्सलवादियों के संरक्षणकर्ता देने वाले अपराधियों के संबंध में वैधानिक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था। जिनके मार्गदर्शन में थाना प्रभारी लांजी के द्वारा उक्त घटना में नक्सलवादियों को अपने घर में यह जानते हुए कि उक्त नक्सलवादी ब्रजलाल पंद्रे की हत्या में फरार एवं वांछित हैं, को ग्राम पुजारीटोला के पुसुलाल टेकाम पिता प्रेमलाल उम्र 35 वर्ष,  रूस्सुलाल पिता प्रेमलाल टेकाम उम्र 28 वर्ष तथा जैतलाल पिता सुरेलाल टेकाम उम्र 45 वर्ष निवासी पुजारीटोल के द्वारा अपने घर में आश्रय दिया था,जिनका कृत्य अपराध धारा 212,216,34 भा.द.वि. का उल्लंघन पाये जाने से तीनो अपराधियों के खिलाफ अपराध धारा 212,216,34  भा.द.वि. पंजीबद्ध किया गया तथा तीनो आरोपियों को आज 19 जुलाई को गिरफ्तार किया गया तथा न्यायालय लांजी में प्रस्तुत किया गया।
 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।