comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

छात्रा का किडनैप कर रेप करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

छात्रा का किडनैप कर रेप करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

 डिजिटल डेस्क, नागपुर । कोराड़ी क्षेत्र की 15 वर्षीय छात्रा का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म िकए जाने का मामला सामने आया है। कोराड़ी पुलिस ने इस  मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के नाम आकाश अशोक कापसे (28) व नंदकिशोर पगारे (19) मुलताई (मध्यप्रदेश) निवासी हैं। 

पुलिस ऐसे पहुंची आरोपियों तक
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आकाश कापसे चौकीदारी करता है, जबकि पीड़ता नौवीं कक्षा की छात्रा है। कुछ दिन पहले आकाश और नंदकिशोर ने छात्रा का अपहरण किया और उसे लेकर मुलताई चले गए। पीड़िता का आरोप है कि आकाश ने उससे अभद्र व्यवहार किया, जबकि नंदकिशोर ने दुष्कर्म किया। इधर, छात्रा के गायब होने पर परिजनों ने कोराड़ी थाने में शिकायत की। कोराड़ी पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर छात्रा का पता लगाने के लिए उसके  मोबाइल कॉल डिटेल्स की जांच-पड़ताल शुरू की।

पता चला कि आरोपी आकाश उससे हमेशा बातचीत करता था। पुलिस ने आकाश के मोबाइल टॉवर लोकेशन की जांच की तो मुलताई में होने की बात पता चली। कोराड़ी थाने का दस्ता मुलताई पहुंचा और मुलताई थाने की मदद से आरोपी आकाश व नंदकिशोर को धर-दबोचा। पीड़िता ने पुलिस को जो आपबीती सुनाई, उसके आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। कोराड़ी पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

दोस्त से मिलने गए युवक के वाहन में तोड़फोड़
दोस्त से मिलने गए एक युवक के दोपहिया वाहन की कुछ बदमाशों ने तोड़फोड़ कर दी। तोड़फोड़ करने का कारण पूछने पर युवकों ने अपने साथियों के साथ उसे देख लेने की धमकी देकर चले गए।  पुलिस के अनुसार शेख समीर शेख सरवर मूलत: नकोडा वार्ड क्रमांक 4 घुग्घुस, चंद्रपुर का रहनेवाला है। वह वर्तमान में कोराड़ी परिसर में रहता है। गत 11 मार्च को  शेख समीर अपने मित्र के साथ वाहन क्रमांक एमएच-31 एए- 8057 पर मित्र किशोर मानकर से मिलने उसके घर गया।

वे कोराड़ी वेटरनरी अस्पताल के मैदान में वाहन खड़ा कर किशोर मानकर से मिलने चले गए। इस दौरान आरोपी  इद्रीस खान, रोहित येवले, साहिल उर्फ बुट्या नामक युवक अपने 10-12 साथियों के साथ वहां पहुंचा और शेख समीर के वाहन की तोड़फोड़ शुरू कर दी। शेख समीर और उसके मित्रों ने आरोपियों से घटना का कारण पूछा, तो वे गाली-गलौज करते धमकी देकर फरार हो गए। घटना के बाद शेख समीर ने कोराडी थाने में शिकायत दर्ज कराई।

कमेंट करें
CPgfF
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।