दैनिक भास्कर हिंदी: रेलवे स्टेशन का वाई-फाई दे रहा गांव में सिग्नल, ग्रामीणों का जीवन हुआ आसान

January 21st, 2019

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। उनकी छोटी और मासूम आंखों में दुनिया देखने की हरसत है, वो पढ़ लिखकर देश के अच्छे नागरिक बनना चाहते हैं, लेकिन उनके गरीब माता-पिता के पास इतने पैसे नहीं हैं कि वो मोबाइल खरीद सकें और इंटरनेट सर्विस लेकर शिक्षा से जुड़ी जरुरतों को पूरा सकें। बच्चों के छोटे हाथों को नीले समान और चांद सितारों पर पहुंचाने के लिए रेलवे ने डिजीटल इंडिया के उद्देश्य को सकारात्मक पहल करते हुए गांव के मासूम बच्चों तक पहुंचाने का प्रयास किया है। जो भी पमरे में हुए इस अभिनव प्रयोग को देखता है, वो तारीफ किए बिना रह नहीं पाता।

दरअसल पश्चिम मध्य रेलवे ने डिजीटल इंडिया के सपने को साकार करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के रेलवे स्टेशनों पर लगाए गए वाई-फाई कनेक्शन का नेटवर्क स्टेशन की ओर करने की बजाए स्टेशन से लगे गांवों की ओर कर दिया है। ताकि कमजोर आर्थिक स्थिति वाले गांव के बच्चे वाई-फाई का उपयोग कर अच्छी किताबें, जानी-मानी हस्तियों, खिलाड़ियों और देश दुनिया की खबरों को जान कर खुद को जमाने के साथ अपडेट रख सकें। रेलवे की इस अभिनव पहल का फायदा जहां एक ओर स्कूल और कॉलेज के स्टूडेंट्स को मिल रहा है,वहीं गंभीर बीमारियों का इलाज कराने के लिए ग्रामीण शहरों और महानगरों के नामी चिकित्सकों से भी ऑनलाइन परामर्श ले रहे हैं और अपनी  परेशानियों को भी समाधान गांव में रहकर ही कर पा रहे हैं। गांव के लोग भी अब शहरों के लोगों की तरह हर बात में अपडेट हो रहे हैं।

अब मनचाही किताबें एक क्लिक पर मिल जाती हैं
गोसलपुर स्टेशन के करीब डुबरी गांव में रहने वाले 10 कक्षा के छात्र शिवराम अहिरवार ने बताया कि पिछले साल रेलवे स्टेशन पर जब वाई-फाई लगाया गया और उसका मुंह स्टेशन की ओर न होकर बाहर की ओर रखा गया तो गांवों के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। गांव में बड़े लोगों के पास एंड्रॉइड मोबाइल हैं, लेकिन उनके पास इंटरनेट कनेक्शन के पैसे नहीं थे, जब रेलवे के स्टाफ ने उन्हें डिजीटल इंडिया के तहत लगाए गए वाई-फाई कनेक्शन से फ्री में जुड़कर लाभ लेने के बारे में बताया तो उन्हें ये जानकार खुशी हुई कि अब गांव के बच्चों को मनचाही किताबें एक क्लिक पर मिलेंगी। उसके बाद से स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को पिछले वर्षों में 10 और 12 वीं कक्षा के बोर्ड पेपर्स, बड़ी कोचिंग्स के डेमो पेपर्स, ग्रामर बुक्स, कॉम्पीटिटिव एग्जाम की बुक्स देखने का मौका मिला। जिन्हें वो खरीदने का सपना भी नहीं देख सकते थे। अब कोई भी जानकारी लेने के लिए उन्हें किसी का मोहताज नहीं होना पड़ता, वो रेलवे के वाई-फाई कनेक्शन का इस्तेमाल हर जिज्ञासाओं को पूरा कर पा रहे हैं।

अब डॉक्टर की राय लेने शहर नहीं जाना पड़ता
देवरी निवासी सुखदान कुसई ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर जब से रेलवे स्टेशन के बाहरी छोर पर रेलवे ने वाई-फाई लगवाया है, तब से छोटी-छोटी बातों को लेकर शहर की ओर नहीं भगना पड़ता। पहले छोटी बीमारी होने पर भी डॉक्टर से इलाज कराने जबलपुर जाना पड़ता था, अब मोबाइल पर ही वीडियो कॉल कर लेते हैं और बीमारी का हाल बता कर दवा की जानकारी मिल जाती है। रेलवे के वाई-फाई से कई गांवों के लोगों को फायदा मिला है। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के साथ सबसे ज्यादा भला तो पढऩे वाले बच्चों को हुआ है, जो अब दुनिया के साथ कदम मिलाकर चल रहे हैं।

जबलपुर के आसपास इन स्टेशनों पर लगाया गया वाई-फाई
- देवरी
- गोसलपुर
- सिहोरा रोड
- डुन्डी
- निवार
- स्लीमनाबाद
पमरे ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के 29 स्टेशनों पर फ्री वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराई है। ग्रामीण स्तर पर फ्री मोबाइल इंटरनेट ग्रामीण क्षेत्रों में नवयुवा के साथ बुजुर्ग और महिलाओं को डिजीटल साक्षर बना रहा है। इसका लाभ हजारों लोगों को मिल रहा है।
प्रियंका दीक्षित, सीपीआरओ, पमरे

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