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Pune City News: कात्रज दूध संघ में कथित घोटालों की जांच के लिए बनी विशेष समिति

भास्कर न्यूज, पुणे। पुणे जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ मर्यादित (कात्रज दूध संघ) में कथित वित्तीय अनियमितताओं, संदिग्ध दुग्ध संकलन, नियमों के विपरीत सदस्यता वितरण तथा बढ़ते आर्थिक दायित्वों के आरोपों की जांच के लिए राज्य सरकार ने दो सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इस कार्रवाई से कात्रज दूध संघ के प्रशासन और वित्तीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
दुग्ध विकास विभाग को प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुणे विभाग के सहकारी संस्था (दुग्ध) विभागीय उपनिबंधक ने 11 जून 2026 को जांच समिति गठित करने के आदेश जारी किए। समिति की अध्यक्षता सहायक निबंधक (दुग्ध), पुणे श्रीकांत श्रीखंडे करेंगे, जबकि जिला विशेष लेखा परीक्षक, वर्ग-2 सहकारी संस्था, पुणे अनंत चिंधू आधारी को सदस्य नियुक्त किया गया है।
शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि कुछ गैर-कार्यरत अथवा अस्तित्वहीन दुग्ध उत्पादक संस्थाओं के नाम पर दूध संकलन दर्शाया गया और उससे संबंधित वित्तीय लेन-देन किए गए। इसके अलावा दूध परिवहन खर्च में संभावित अनियमितताओं तथा सदस्यता प्रदान करने की प्रक्रिया में उपविधियों के उल्लंघन के आरोप भी लगाए गए हैं।
जांच के दायरे में संघ की बढ़ती आर्थिक देनदारियां भी शामिल होंगी। विशेष रूप से एक धार्मिक कार्यक्रम के लिए लगभग 3,000 लीटर दूध नि:शुल्क वितरित किए जाने के मामले की गहन जांच की जाएगी। समिति यह भी जांच करेगी कि इस वितरण के लिए आवश्यक प्रशासनिक मंजूरी, संचालक मंडल का प्रस्ताव, वित्तीय अधिकारों का उपयोग और बाद में ली गई कार्योत्तर स्वीकृति नियमों के अनुरूप थी या नहीं।
सूत्रों के अनुसार, कुछ दुग्ध संस्थाओं के नाम पर संदिग्ध रूप से दूध संकलन दिखाकर वित्तीय लेन-देन किए जाने की भी शिकायतें प्राप्त हुई हैं। ऐसे में यह जांच की जाएगी कि वास्तव में दूध की आपूर्ति हुई थी या केवल कागजी रिकॉर्ड तैयार किए गए थे।
समिति वर्ष 2021 से 2025 के बीच सदस्य बनाए गए प्राथमिक दुग्ध उत्पादक संस्थानों की पात्रता, उनके वास्तविक अस्तित्व, दूध संकलन क्षमता तथा सदस्यता मंजूरी प्रक्रिया की भी जांच करेगी। इन सदस्यताओं का संघ की चुनावी प्रक्रिया पर कोई प्रभाव पड़ा था या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा सकती है।
इसके अतिरिक्त विज्ञापन एवं विपणन व्यय में वृद्धि, पशुखाद्य कारखाने की खरीद प्रक्रिया, बढ़ती ओवरड्राफ्ट राशि, विभिन्न वित्तीय लेन-देन और लेखा परीक्षण से जुड़ी आपत्तियों की भी दस्तावेजों के आधार पर जांच की जाएगी।
समिति दूध संकलन अभिलेखों, वित्तीय दस्तावेजों, सदस्यता स्वीकृति रिकॉर्ड, लेखा परीक्षण रिपोर्ट और अन्य संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।
Created On :   12 Jun 2026 7:30 PM IST












