Rewa News: विजयादशमी के पावन अवसर पर परंपरागत ढंग से किला रीवा में किया गया गद्दी पूजन

विजयादशमी के पावन अवसर पर परंपरागत ढंग से किला रीवा में किया गया गद्दी पूजन
गद्दी पूजन के अनुष्ठान के बाद महाराजा पुष्पराज सिंह द्वारा शुभ माने जाने वाले नीलकंठ पक्षी को मुक्त किया गया।

डिजिटल डेस्क,रीवा। विजयादशमी के पावन अवसर पर रीवा के ऐतिहासिक किले में बघेल राजवंश की सदियों पुरानी गद्दी पूजन की राजसी परंपरा को पूरी श्रद्धा और पारंपरिक ढंग वैदिक मंत्रों के बीच संपन्न किया गया। रीवा राजपरिवार की 35वीं पीढ़ी के महाराजा पुष्पराज सिंह जूदेव और युवराज दिव्यराज सिंह ने पारंपरिक शाही पोशाक धारण कर और हाथ में तलवार लेकर गद्दी तथा शस्त्रों का विधिवत पूजन किया।

गद्दी पूजन के अनुष्ठान के बाद महाराजा पुष्पराज सिंह द्वारा शुभ माने जाने वाले नीलकंठ पक्षी को मुक्त किया गया। दशहरे पर नीलकंठ के दर्शन और उसे उड़ाना विंध्य क्षेत्र की बेहद महत्वपूर्ण लोकमान्यता और परंपरा का हिस्सा माना जाता है। रीवा राजघराने की यह गौरवशाली परंपरा लगभग 600 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। गद्दी पूजन संपन्न होने के बाद रीवा किले से भगवान राजाधिराज की सवारी और धार्मिक झांकियों के साथ एक भव्य राजसी चल समारोह निकाला गया जो रावण दहन स्थल तक पहुंचा और वहां रावण वध किया गया।

Created On :   21 Oct 2026 9:41 PM IST

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