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रीवा न्यूज: सुप्रसिद्ध राजनर्तक जब्बार अली की पुण्य स्मृति पर विचार एवं काव्य गोष्ठी आयोजित

डिजिटल डेस्क रीवा.
राजनर्तक मरहूम जब्बार अली उर्फ झब्बा चाचा की पुण्य स्मृति पर स्वागत भवन स्थित डेकेयर सेंटर, वृद्धाश्रम में विचार गोष्ठी एवं काव्य गोष्ठी आयोजित की गई. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी मीसाबंदी विचारक एवं साहित्यकार सुभाष श्रीवास्तव रहे. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सुप्रसिद्ध राजनर्तक जब्बार अली एक ऐसे नर्तक थे जिनके नृत्य से राजघराने के महाराजा भी मुरीद होकर मुक्त कंठ से प्रशंसा करते थे फिर भी उन्होंने फ़कीराना अंदाज में अपना पूरा जीवन जिया. ऐसा दुर्लभ ही होता है. सच्चे कलाकार के साथ साथ खुद्दारी और ईमानदारी जैसे गुण उनके व्यक्तित्व में विद्यमान थे. उन्होंने कहा कि वास्तव में वो एक उत्कृष्ट कलाकार, बेहतर इंसान होने के साथ साथ आपसी प्रेम, भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव के प्रतीक थे. इसलिए ये कहा जा सकता है कि झब्बा चाचा सिर्फ एक कलाकार बस नहीं अपितु संगीत के एक सच्चे साधक थे.कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर रफीक रिवानी ने की. कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन वरिष्ठ समाजसेवी शोभनाथ गुप्ता ने किया. कार्यक्रम में जिन वक्ताओं एवं कवियों ने अपने वक्तव्य एवं कविताओं के माध्यम से स्व. झब्बा चाचा को अपनी भावांजलि अर्पित की उनमें प्रमुख रूप से डे केयर सेंटर के प्रबंधक डॉ. राघवेंद्र प्रताप सिंह, कवि रामलखन केवट जलेश, कवि रामसुंदर द्विवेदी, कवि जानकी प्रसाद पांडेय, समाजसेवी सुरेश विश्नोई, मुकुंद प्रसाद मिश्रा, समाजवादी नेता नत्थू लाल सेन, अधिवक्ता नरेश गुप्ता, रामायण कुशवाहा, डॉ. रामदास प्रधान, परिवर्तन पटेल, गिरिजा गुप्ता, अमन गुप्ता एवं विपिन गुप्ता शामिल है.
तदुपरांत वरिष्ठ कवि रामलखन केवट जलेश ने उस सच्चे कलाकार को अपनी खेराज-ए-अक़ीदत पेश की.
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कवि रामसुन्दर द्विवेदी ने अपने मनोभाव व्यक्त किया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ शायर रफीक रिवानी ने कहा कि स्व. झब्बा चाचा की स्मृतियों को अक्षुण्ण बनाए रखने की जरूरत है.कार्यक्रम के अंत में समस्त उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार कार्यक्रम के आयोजक शोभनाथ गुप्ता ने व्यक्त किया.
Created On :   21 Sept 2026 6:36 PM IST












