सतना न्यूज: मंदाकिनी के उफान में क्षतिग्रस्त पुल ठीक करने में लग सकता 9 महीने का वक्त

इंस्पेक्शन के बाद चीफ इंजीनियर ने बताई यथास्थिति

डिजिटल डेस्क सतना।मूसलाधार बारिश के बाद मंदाकिनी नदी के उफान में 30 अगस्त को रामघाट-हनुमान धारा मार्ग का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे चित्रकूट का सम्पर्क हनुमान धारा से कट गया। चित्रकूट में बाढ़ आपदा का जायजा लेने आए मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने यह बात पता चलने पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द इसका समाधान खोजने के निर्देश दिए थे जिसके बाद बीते दिन लोक निर्माण विभाग (ब्रिज) के बताई मुख्य अभियंता गोपाल सिंह ने चित्रकूट पहुंचकर मौके का निरीक्षण करते हुए स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1985 में कैंटिलीवर डिजाइन से बने इस पुल का फाउंडेशन नदी का जलस्तर अधिक होने के कारण फिलहाल दिखाई नहीं दे रहा है।भारी बारिश में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब सात मीटर ऊपर पहुंच गया था,जिससे पुल का एक स्लैब अपनी जगह से हट गया। बचे हुए हिस्से पर नया स्लैब डालकर पुल का संधारण किया जा सकता है। इस काम में करीब 8 से 9 माह लगने की संभावना है। फाउंडेशन की जांच पानी उतरने के बाद की जाएगी और जरूरत के अनुसार नए स्पैन भी लगाए जाएंगे।

श्रद्धालुओं के लिए पीपा पुल, दीपावली से पहले बनाने की तैयारी

पुल के स्थायी संधारण तक नागरिकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रखने के लिए पीपा पुल तैयार करने की योजना पर काम किया जा रहा है। दीपावली से पहले पीपा पुल की संरचना तैयार कर आवागमन शुरू कराने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इससे चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।इधर, एनएचएआई ने पिंडरा के पास सड़क कटाव और अन्य क्षतिग्रस्त मार्गों के सुधार का काम भी शुरू कर दिया है।


Created On :   1 Sept 2026 3:35 PM IST

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