Shahdol News: मेरिट में सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन चिंताजनक

मेरिट में सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन चिंताजनक
प्रदेश व जिला स्तर की मेरिट में 42 में 34 पर निजी स्कूलों का दबदबा

डिजिटल डेस्क,शहडोल। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के घोषित परीक्षा परिणाम हालांकि गत वर्ष की तुलना में इस बार जिले का कुछ बेहतर रहा है, लेकिन सरकारी शिक्षा तंत्र की एक चिंताजनक तस्वीर उभरती है। जिले की प्रावीण्य सूची पर नजर डालें तो भारी-भरकम बजट और ऊंचे वेतन वाले सरकारी स्कूलों को निजी संस्थानों ने बुरी तरह पछाड़ दिया है।

इस वर्ष 10वीं और 12वीं की राज्य और जिला स्तरीय मेरिट सूची में कुल 42 बच्चों ने अपनी जगह बनाई है। हैरानी की बात यह है कि संसाधनों से लैस सरकारी स्कूलों के मात्र 8 छात्र ही इस सूची में शामिल हो सके हैं, जबकि 34 मेधावी छात्र निजी स्कूलों से हैं।

जिले के 13 छात्र स्टेट टॉपर लिस्ट में आए, जिनमें सरकारी स्कूलों के केवल 3 बच्चे अपनी लाज बचा पाए। जिला स्तर की टॉपर सूची में शामिल 19 बच्चों में से मात्र 5 सरकारी स्कूलों के हैं, जबकि 14 बच्चे निजी संस्थानों के हैं।

इन सरकारी स्कूलों ने बचाई साख

हायर सेकेंडरी (12वीं) की प्रदेश स्तरीय मेरिट में जिले के 5 विद्यार्थियों ने स्थान पाया। इनमें से एक मात्र दीक्षा मिश्रा (शासकीय संदीपनी उमावि जयसिंहनगर) ने सरकारी तंत्र का प्रतिनिधित्व किया। शेष 4 छात्र निजी स्कूलों के रहे। हाई स्कूल (10वीं) की प्रदेश स्तरीय मेरिट सूची में शहडोल के 8 छात्र शामिल हुए।

इनमें से केवल दो छात्र शासकीय बालक उमावि ब्यौहारी के छात्र और शासकीय उमावि बाणसागर की अनामिका कुशवाहा ही शासकीय व्यवस्था की उपस्थिति दर्ज करा सके। विपरीत परिस्थितियों में भी योगेन्द्र सिंह परमार (497/500), कु. श्रेया साहू (492/500), और कु. निशिका गुप्ता (488/500) जैसे सितारे शामिल हैं, जिन्होंने जिले का मान बढ़ाया है।

श्रेणी मेधावी छात्र सरकारी निजी स्कूल

कुल मेरिट (10वीं + 12वीं) 42 8 34

राज्य स्तरीय मेरिट 13 03 10

जिला स्तरीय मेरिट 19 05 14

सुधार की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि शिक्षण पद्धति, नियमित मूल्यांकन और जवाबदेही तय करने से ही सरकारी स्कूलों का स्तर सुधर सकता है। इस वर्ष के परिणामों ने साफ कर दिया है कि संख्या में सुधार के बावजूद गुणवत्ता की दौड़ में सरकारी स्कूल अभी पीछे हैं। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह अंतर और बढ़ सकता है।

Created On :   17 April 2026 2:34 PM IST

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