भाईचारा: यावल में दिखी इंसानियत और भाईचारे की मिसाल, हिंदू युवाओं ने भटके 3 वर्षीय मुस्लिम बच्चे को परिजनों से मिलाया

यावल में दिखी इंसानियत और भाईचारे की मिसाल, हिंदू युवाओं ने भटके 3 वर्षीय मुस्लिम बच्चे को परिजनों से मिलाया
  • हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक भाईचारे की मिसाल
  • तीन वर्षीय मुस्लिम बच्चे को पुलिस की मदद से उसके परिजनों तक सुरक्षित पहुंचाया

डिजिटल डेस्क, यावल. शहर में हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक भाईचारे की मिसाल पेश करने वाली घटना सामने आई है। दो हिंदू युवाओं ने इंसानियत का परिचय देते हुए घर का रास्ता भटककर रो रहे तीन वर्षीय मुस्लिम बच्चे को पुलिस की मदद से उसके परिजनों तक सुरक्षित पहुंचाया। शनिवार को शहर के बोरावल गेट परिसर में तीन वर्षीय अली अल्ताफ शेख अकेला और रोता हुआ बैठा था। बच्चा घर का रास्ता भटक गया था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे स्थानीय युवक सागर शिवाजी कोली और विकी देवीदास लोणारी की नजर उस पर पड़ी। दोनों युवकों ने बच्चे को रोता देखकर उसे संभाला और प्यार से शांत किया। बच्चे के साथ किसी तरह का भेदभाव किए बिना वे उसे तुरंत यावल पुलिस थाने लेकर पहुंचे। थाने में पुलिस निरीक्षक रंगनाथ धारबले, हवलदार वासुदेव मराठे और सहायक फौजदार अर्जुन सोनवणे ने बच्चे को अपने पास बैठाकर प्यार से समझाया और उसके माता-पिता तथा घर के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया। बच्चे द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद उसके परिजनों का पता लगा लिया।

इसके बाद बच्चे के आजोबा शेख लाल शेख रशीद, निवासी बाबूजीपुरा, हुसैनी गली, को थाने बुलाया गया। पुलिस ने बच्चे को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया। बच्चे को सुरक्षित पाकर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने सागर कोली, विकी लोणारी और यावल पुलिस का आभार जताया।

पिछले साल की घटना से सहमा था परिवार

बताया जाता है कि पिछले वर्ष इसी इलाके में एक बच्चे के लापता होने के बाद उसकी हत्या का मामला सामने आया था। ऐसे में इस बार बच्चा दोपहर से लापता होने पर परिवार की चिंता और बढ़ गई थी। परिजन उसे शहर में जगह-जगह तलाश कर रहे थे। बच्चे के सकुशल मिलने की खबर मिलते ही परिवार ने राहत की सांस ली।

इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि मुश्किल समय में इंसानियत और भाईचारा ही सबसे बड़ा धर्म है। सागर कोली और विकी लोणारी की तत्परता तथा पुलिस के प्रयासों की स्थानीय नागरिकों ने सराहना की है। यावल में हुई यह घटना सामाजिक सौहार्द और हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की सकारात्मक मिसाल बनकर सामने आई है।

Created On :   13 Sept 2026 7:25 PM IST

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