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आज सावन का चौथा और आखिरी सोमवार, जानिए खास योग

August 20th, 2018 15:45 IST

डिजिटल डेस्क।  सावन का चौथा सोमवार पूरी आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर शिव मंदिरों में श्रद्धालु कतार लगाकर जलाभिषेक कर रहे हैं जो बहुत ही पुण्यदायी है और तीन अत्यंत शुभ संयोग के कारण इनका महत्व और बढ़ गया है। सावन के चौथे सोमवार के दिन रवियोग बना है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ये शुभयोग तिथि, वार और नक्षत्र के दोषों को दूर करने वाला होता। इस मौके पर पदभार ग्रहण करना बहुत ही शुभ होता है। इस मौके पर शिव जी का दूध से अभिषेक करने से लाभ प्राप्ति के मार्ग में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और आरोग्य सुख की प्राप्ति होती है। सुख सौभाग्य प्रदान करने वाला है। इस मौके पर भगवान शिव की पूजा देवी पार्वती के साथ करें और कुंवारी कन्याओं को भोजन कराएं तो यह बहुत पुण्यदायी है। 


जानिए शुभ योग-
 
नाम के अनुसार ये शुभ फल देने वाला है। इस योग में आप जो भी शुभ काम करते हैं उनमें शुभ फलों की प्राप्ति होती है। सावन के चौथे सोमवार के अवसर पर शिवपुराण का पाठ बहुत भी शुभफलदायी है। शिवपुराण के रुद्रसंहिता में वर्णित पार्वती खंड का पाठ करें तो इससे सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी।

इस विशिष्ट पर्व पर शिव और शक्ति का विशेष पूजन करने से शत्रुओं से छुटकारा मिलता है तथा गाड़ी-बंगले की इच्छा भी पूरी हो जाती है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार चन्द्रमा कुण्डली के चौथे भाव का प्रतिनिधित्व करता है। चौथे भाव गाड़ी-बंगले और माता का प्रतीक माना जाता है। जिस किसी व्यक्ति की कुण्डली में चौथा भाव कमजोर है या बलहीन है, उन लोगों को विशेष पूजन से शीघ्र अति शीघ्र गाड़ी-बंगले की प्राप्ति हो सकती है।

इस दिन शिव गौरी और चन्द्रमा का पूजन करें। सर्वप्रथम शिवलिंग और गौरी की प्रतिमा पर जल चढ़ाएं। दूध में शहद मिलाकर शिव और गौरी का अभिषेक करें। शिवलिंग पर बिल्व पत्र और गौरी पर सफेद रंग के फूल अर्पित करें। फिर शिवलिंग पर चंदन से त्रिपुण्ड बनाएं। देवी गौरी पर चंदन से लेप लगाएं। दूध से बना कोई भी मिष्ठान शिव और गौरी को अर्पित करके बांट दें तथा इस मंत्र का जाप करें।


'मंत्र: ह्रीं गौरीशंकराय नमः ह्रीं॥'


इस मंत्र का उच्चारण करते हुए चांदी का एक चौकोर टुकड़ा गौरी और शिवलिंग पर स्पर्श करवाकर किसी पारदर्शी कांच की बोतल में डालकर गंगा जल भरकर घर की उत्तर पश्चिम दिशा में छिपा कर रख दें। अगले सावन तक आपके बंगले और गाड़ी की मनसा पूर्ण हो जाएगी।

सावन के अंतिम सोमवार पर संपूर्ण कामनाओं की सिद्धि के लिए-

  • शिव जी को जल की धारा से अभिषेक करें। जल आप अपने घर से भरकर ले जाएं तो उत्तम होग
  • मंत्र- "नमः शिवाय" की 11 माला का इस दिन जाप करें।

विवाह नहीं हो रहा हो तो विवाह के लिए- 

  • शिव जी को सुगंध के साथ जल अर्पित करें। केवड़े की सुगंध न चढ़ाएं और "ॐ पार्वतीपतये नमः"  मन्त्र की 11 माला का जाप करें। संतान सुख के लिए-
  • शिव जी को खीर का भोग लगाए। 
  • घी के नौ दीपक जलाएं और "ॐ शं शंकराय नमः"  इस मंत्र का जाप कम से कम 11 माला करें।
  • मृत्युतुल्य कष्ट से बचने के लिए, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए-शिव लिंग पर पहले 108 बेलपत्र चढ़ाएं। इसके बाद जल धारा से अभिषेक करें और "ॐ जूं सः माम पालय पालय " मन्त्र से 11 माला का जाप करें। 

धनलाभ के लिए-

शिव जी का पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद उनको जल धारा अर्पित करें। "ॐ नमः शम्भवाय"  मंत्र से 11 माला का जाप करें।

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