Sawan Putrada Ekadashi: सावन पुत्रदा एकादशी पर करें ये सरल उपाय, संतान सुख से लेकर परिवार की खुशहाली तक के लिए माने जाते हैं बेहद शुभ

डिजिटल डेस्क, भोपाल। एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की उपासना के लिए विशेष माना गया है। वहीं सावन मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को पुत्रदा एकादशी या पवित्रा एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत और भगवान विष्णु की पूजा करने से संतान सुख की कामना पूरी होने और परिवार में सुख-समृद्धि आने का आशीर्वाद मिलता है। इसके अलावा इस दिन कुछ सरल और खास उपायों को करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इनके बारे में...
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1. भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें
एकादशी के दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और पूजा स्थान पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। भगवान विष्णु को पीले फूल, चंदन, फल और तुलसी दल अर्पित करें। धार्मिक मान्यता में तुलसी को भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय माना गया है। पूजा के दौरान श्रद्धा से तुलसी अर्पित करने और भगवान विष्णु का ध्यान करने को शुभ माना जाता है।
2. संतान सुख की कामना से विष्णु भगवान के सामने प्रार्थना करें
यदि पति-पत्नी संतान सुख की कामना रखते हैं तो इस दिन दोनों मिलकर भगवान विष्णु की पूजा कर सकते हैं। पूजा के बाद भगवान के सामने अपनी मनोकामना रखते हुए प्रार्थना करें। ध्यान रखें कि यह धार्मिक आस्था और परंपरा से जुड़ा उपाय है। संतान संबंधी किसी चिकित्सकीय समस्या में योग्य डॉक्टर की सलाह लेना भी जरूरी है।
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3. विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें
पुत्रदा एकादशी के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। अगर पूरा पाठ संभव न हो तो भगवान विष्णु के नामों का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जा सकता है। इसके साथ ही एकादशी की व्रत कथा सुनने या पढ़ने की भी परंपरा है।
4. पीले रंग की वस्तुओं का दान करें
भगवान विष्णु की पूजा में पीले रंग का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार पीले वस्त्र, चने की दाल, केला या अन्य अन्न का दान किया जा सकता है। दान करते समय दिखावे से बचें और जरूरतमंद की वास्तविक आवश्यकता को प्राथमिकता दें। धार्मिक मान्यता के अनुसार एकादशी पर दान-पुण्य करने से शुभ फल प्राप्त होता है।
5. गाय को चारा खिलाएं
पुत्रदा एकादशी पर गौ सेवा को भी पुण्यकारी माना जाता है। अपनी क्षमता के अनुसार गाय को हरा चारा या उचित आहार खिलाया जा सकता है। गौ सेवा के साथ-साथ किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना भी इस दिन के लिए अच्छा सेवा कार्य माना जाता है।
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Created On :   22 Aug 2026 8:28 PM IST











