Sawan Somvar 2026: सावन का चौथा और आखिरी सोमवार कल, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

डिजिटल डेस्क, भोपाल। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सावन मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। वहीं सावन के महीने में सोमवार का काफी महत्व बताया गया है, इस दिन शिवालयों में भक्तों की भीड़ होती है। लोग व्रत रखते हैं और शिव जी की विशेष आराधना करते हैं। इस साल सावन महीने में कुल 4 सोमवार में से 3 निकल चुके हैं और चौथा व आखिरी सोमवार 24 अगस्त को है। जबकि, 28 अगस्त को पूर्णिमा के साथ इस पवित्र माह का समापन हो जाएगा। आइए जानते हैं सावन के चौथे सोमवार व्रत की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में...
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:27 बजे से 05:11 बजे तक
प्रातः सन्ध्या: सुबह 04:49 बजे से 05:55 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:57 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:33 बजे से 03:24 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:52 बजे से शाम 07:14 बजे तक
सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:52 बजे से 07:58 बजे तक
अमृत काल: दोपहर 03:07 बजे से शाम 04:54 बजे तक
निशिता मुहूर्त: 25 अगस्त की रात 12:01 बजे से 12:46 बजे तक
सावन सोमवार व्रत एवं पूजन विधि
- सर्व प्रथम सूर्योदय से पहले उठकर नित्यक्रिया से निवृत होकर स्नानादि करें।
- इसके बाद सूर्य को जल चढ़ाएं।
- अपने घर के मंदिर की सफाई करें और उसे गंगा जल से शुद्ध करें।
- शिव पूजन के लिए मिट्टी की शिव प्रतिमा को सर्वश्रेठ माना गया है अगर मिट्टी की व्यवस्था ना हो तो अन्य शिव प्रतिमा या चित्र का प्रयोग पूजन के लिए कर सकते हैं।
- शिव पूजा के लिए पूजन समाग्री एकत्रित करें जिसमें अभिषेक के लिए घी, शकर, शहद, दूध, दही, गंगाजल, शुद्ध जल आदि रखें।
- इसके बाद पूजन के लिए फूल, बेलपत्र, दूब, धतूरा, भांग, भस्म, शमी पत्र, नारियल, प्रसाद, धूप, दीप आदी भगवान में अर्पित कर भगवान को हाथ जोड़ कर प्रणाम करें।
- पूजा के दौरान शिवलिंग पर बेल पत्र अवश्य चढ़ाएं।
- सावन के महीने में शिव पंचाक्षर मंत्र से विशेष लाभ मिलता है इसलिए श्रध्दालुओं को जितना अधिक हो सके पूरे मास भर ऊँ नमः शिवाय इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
- पूजन आरती के बाद सावन सोमवार की कथा सुनें या पढ़ें।
डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष/वास्तुशास्त्री/ अन्य एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें।
Created On :   23 Aug 2026 4:17 PM IST













