Vikat Sankashti Chaturthi 2026: कब रखा जाएगा वैशाख संकष्टी चतुर्थी का व्रत 5 या 6 अप्रैल? जानिए सही तिथि और पूजा विधि

डिजिटल डेस्क, भोपाल। सनातन धर्म में हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन भगवान श्री गणेश को समर्पित है और इस दिन व्रत रखने के साथ ही बप्पा की पूरे विधि- विधान से पूजा की जाती है। फिलहाल, वैशाख माह चल रहा है और इस महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को विकट संकष्टी चतुर्थी (Vikat Sankashti Chaturthi) के नाम से जाना जाता है।
मान्यता है कि इस व्रत को करने से सभी तरह के कष्टों से मुक्ति मिलती है। साथ ही इस व्रत को करने से संतान की प्राप्ति होती है। हालांकि, व्रत की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है, कई लोग 05 तो कई 6 अप्रैल को चतुर्थी मान रहे हैं। ऐसे में आइए जानते हैं विकट संकष्टी चतुर्थी व्रत की सही तिथि और पूजन विधि...
संकष्टी चतुर्थी 2026: 5 या 6 अप्रैल?
चतुर्थी तिथि आरंभ: 5 अप्रैल 2026, रविवार की दोपहर 03 बजकर 42 मिनट से
चतुर्थी तिथि समापन: 6 अप्रैल 2026, सोमवार की दोपहर 02 बजकर 18 मिनट से
कब रखें व्रत: ज्योतिषियों के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी का व्रत चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही पूरा माना जाता है, वहीं चतुर्थी तिथि वाली रात 5 अप्रैल को रहेगी। ऐसे में संकष्टी चतुर्थी का व्रत 5 अप्रैल 2026, रविवार को ही रखा जाएगा।
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पूजन विधि
- सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर साफ वस्त्र धारण करें।
- घर के मंदिर की सफाई करें और गंगा जल का छिड़काव करें।
- अब ईशानकोण में चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछा लें।
- इसके बाद भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।
- भगवान के सामने हाथ जोड़कर पूजा और व्रत का संकल्प लें।
- पूजा के दौरान भगवान गणेश को जल, अक्षत, दूर्वा घास, लड्डू, पान, धूप आदि अर्पित करें।
- अक्षत और फूल लेकर गणपति से अपनी मनोकामना कहें।
- इसके बाद ओम ‘गं गणपतये नम:’ मंत्र बोलते हुए गणेश जी को प्रणाम करें।
- भगवान गणेश की आरती करें।
- पूजन के बाद चंद्रमा को शहद, चंदन, रोली मिश्रित दूध से अर्घ्य दें।
- पूजन के बाद लड्डू प्रसाद स्वरूप ग्रहण करें।
डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग- अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष/वास्तुशास्त्री/ अन्य एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें।
Created On :   4 April 2026 6:50 PM IST













