दैनिक भास्कर की खास झांकी: शोभायात्रा में खाटू श्याम के पौराणिक प्रसंग ने खींचा श्रद्धालुओं का ध्यान - आकर्षक झांकी ने मन मोहा

शोभायात्रा में खाटू श्याम के पौराणिक प्रसंग ने खींचा श्रद्धालुओं का ध्यान - आकर्षक झांकी ने मन मोहा
  • हारे का सहारा खाटू श्याम की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
  • विधिवत पूजा और अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
  • प्रेरणादायक प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं के मन में आस्था और विश्वास को और प्रगाढ़ किया

Nagpur News. रामनवमी के पावन अवसर पर गुरुवार को श्री पोद्दारेश्वर राम मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा मानो आस्था और उत्साह की जीवंत कहानी बन गई, जिसमें रंग-बिरंगी झांकियों और पौराणिक दृश्यों ने हर किसी को अपनी ओर आकर्षित किया। इन्हीं के बीच दैनिक भास्कर द्वारा प्रस्तुत खाटू श्याम की झांकी जैसे पूरे माहौल का केंद्र बन गई, जहां बर्बरीक द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को अपना शीश दान करने का प्रसंग इतनी सजीवता से दर्शाया गया कि दर्शक भावुक हुए बिना नहीं रह सके। श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर इस दृश्य को निहारते रहे, कई लोगों ने इसे अपने मोबाइल में कैद किया तो कुछ ने सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए रील्स बनाई। उस क्षण ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो इतिहास वर्तमान में उतर आया हो और भक्ति, त्याग व आस्था का संगम हर दिल में गूंज रहा हो।


विधिवत पूजा और अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

शोभायात्रा के शुभारंभ से पूर्व पंडित राम जी शास्त्री द्वारा खाटू श्याम की विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। इस अवसर पर दैनिक भास्कर के संचालक सुमित अग्रवाल एवं वुमन भास्कर क्लब की चेयरपर्सन नेहा अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथियों में लाजपत ढींगरा, डॉ. विजय अग्रवाल, एडवोकेट राजेंद्र गुप्ता, शिव अग्रवाल, मोहित अग्रवाल, जयश्री सराफ, प्रिया अग्रवाल, कोमल गुप्ता, संजीव अग्रवाल और करण गुप्ता शामिल रहे। सभी अतिथियों ने इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रसंग भगवान से जुड़ने का सुअवसर प्रदान करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।


‘हारने वालों का सहारा’— खाटू श्याम

खाटू श्याम की इस मनमोहक झांकी को ज्ञानेश्वर खापरे और धीरज खापरे ने अपनी सृजनात्मक प्रतिभा से तैयार किया। झांकी के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि खाटू श्याम, जिन्हें ‘हारने वालों का सहारा’ कहा जाता है, अपने भक्तों के साथ हर परिस्थिति में खड़े रहते हैं। इस प्रेरणादायक प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं के मन में आस्था और विश्वास को और प्रगाढ़ किया, जिससे यह झांकी पूरे आयोजन का प्रमुख आकर्षण बनकर उभरी।

अत्यंत श्रद्धा और विश्वास के प्रतीक खाटू श्याम जी

खाटू श्याम जी हिन्दू धर्म में अत्यंत श्रद्धा और विश्वास के प्रतीक माने जाते हैं। उन्हें भगवान श्रीकृष्ण का कलियुग अवतार माना जाता है और भक्त प्रेम से उन्हें “हारे का सहारा” कहते हैं। राजस्थान के सीकर जिले के खाटू धाम स्थित उनका मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिवर्ष लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करते हैं।

खाटू श्याम जी का मूल नाम बर्बरीक था, जब महाभारत का युद्ध होने वाला था, तब बर्बरीक भी उसमें भाग लेने के लिए तैयार हुए। भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी शक्ति और संकल्प को जानने के लिए उनकी परीक्षा ली। जब श्रीकृष्ण को यह ज्ञात हुआ कि बर्बरीक कमजोर पक्ष का साथ देंगे, तो उन्होंने उनसे दान में उनका शीश (सिर) मांग लिया। बर्बरीक ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपना शीश दान कर दिया। यह त्याग और भक्ति का अद्भुत उदाहरण था।


बर्बरीक की इस महान भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलियुग में वे “श्याम” नाम से पूजे जाएंगे और सभी दुखियों तथा हारने वालों के सहायक बनेंगे। तभी से वे खाटू श्याम जी के नाम से प्रसिद्ध हुए। उनका शीश राजस्थान के खाटू गांव में स्थापित किया गया, जो आज खाटू धाम के रूप में प्रसिद्ध है।

खाटू श्याम जी का संदेश त्याग, समर्पण और सच्ची भक्ति का मार्ग दिखाता है। वे हमें सिखाते हैं कि जीवन में कठिन परिस्थितियों में भी विश्वास बनाए रखना चाहिए और ईश्वर पर आस्था रखनी चाहिए। उनके प्रति भक्तों की अटूट श्रद्धा ही उनकी महिमा को और भी बढ़ाती है। वे आशा, विश्वास और सहारे का प्रतीक हैं। उनकी भक्ति से जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होता है। यही कारण है कि आज भी लाखों लोग उन्हें “हारे का सहारा” मानकर उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। यही दिव्यता भास्कर की झांकी में नजर आई।

Created On :   26 March 2026 9:56 PM IST

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