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Nagpur News: दवाएं नकली पर खतरा असली, सेहत ही नहीं भविष्य भी दांव पर लगा, ऐसे में कड़े कदम जरूरी

Nagpur News. नकली दवाओं के रैकेट में आरोपी की जमानत पर फैसला देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने नकली दवाओं के बढ़ते खतरे पर गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि नकली दवाएं न सिर्फ लोगों की सेहत के लिए जानलेवा हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी खतरे में डाल रही हैं। कोर्ट ने दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौत जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों पर तुरंत और कड़े सुरक्षा उपाय लागू करना बेहद जरूरी है।
हिरासत में लेने के निर्देश
न्यायमूर्ति एम. एम. नेर्लीकर की पीठ ने आरोपी रॉबिन उर्फ हिमांशु विजय कुमार तनेजा की जमानत रद्द करते हुए अपने आदेश में ये महत्वपूर्ण टिप्पणियां दर्ज कीं। नकली दवाओं के कथित रैकेट से जुड़े इस मामले में हाईकोर्ट ने 29 मई 2025 को सत्र न्यायालय द्वारा दी गई जमानत को रद्द कर आरोपी को तत्काल हिरासत में लेने का निर्देश दिया। सत्र न्यायालय द्वारा आरोपी मंजूर की गई जमानत के खिलाफ राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में यह याचिका दायर की थी।
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संदिग्ध बैंक लेन-देन
यह मामला कलमेश्वर पुलिस स्टेशन में दर्ज अपराध से संबंधित है। आरोप है कि सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की गई दवाएं नकली पाई गईं, जिनमें सिप्रोफ्लॉक्सासिन जैसी आवश्यक दवा के तत्व ही मौजूद नहीं थे। अदालत के समक्ष पेश तथ्यों के अनुसार, यह एक संगठित रैकेट था, जिसमें टेंडर हासिल करने वाले सप्लायर से लेकर बिचौलियों और निर्माता तक की भूमिका सामने आई। आरोपी रॉबिन को इस पूरे नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ी माना गया, जिसने कथित तौर पर बिना लाइसेंस वाले निर्माता से सस्ती नकली दवाएं मंगवाकर सप्लाई चेन में आगे पहुंचाईं। कोर्ट ने विशेष रूप से 2.85 करोड़ रुपए के संदिग्ध बैंक लेन-देन को गंभीरता से लिया, जो आरोपी, उसकी पत्नी और मां के खातों में जमा हुए। अदालत ने पाया कि इतनी बड़ी रकम के बावजूद कथित निर्माता के साथ कोई बैंक ट्रांजेक्शन नहीं दिखा, जिससे आरोपी की भूमिका पर संदेह और गहरा हो गया। इसी आधार पर कोर्ट ने सत्र न्यायालय के आदेश को अनुचित और मनमाना करार देते हुए जमानत रद्द कर दी और आरोपी को पुनः गिरफ्तार करने का निर्देश दिया।
Created On :   26 March 2026 7:47 PM IST












