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Nagpur News: सनविजय ग्रुप पर आयकर का छापा,देर रात तक चलती रही बड़ी कार्रवाई

Nagpur News नागपुर के सनविजय ग्रुप और वरुण ऑटो कास्ट लि. के 7 से ज्यादा ठिकानों पर पर मंगलवार सुबह मुंबई से आई आयकर विभाग की टीम ने दबिश दी। कार्रवाई में नागपुर के भी अधिकारियों को शामिल किया गया है। बताया जा रहा है कि टीम में दर्जन भर से ज्यादा अधिकारी शामिल हैं। टीम ने सनविजय ग्रुप के नागपुर और वर्धा रोड स्थित कार्यालयों और आवासीय ठिकानों के साथ ही नागपुर (हिंगना/बुटीबोरी) और चंद्रपुर में स्थित कारखाने पर एक साथ दस्तक दी। मंगलवार तड़के घाट रोड स्थित ऑफिस में आयकर विभाग के दर्जन भर से ज्यादा अधिकारी करीब 8 से 10 वाहनों से पहुंचे।
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बड़े पैमाने पर काम : सनविजय ग्रुप नागपुर का एक प्रमुख औद्योगिक समूह है, जिसका मुख्य व्यवसाय स्टील रोलिंग, इंजीनियरिंग और फेरो अलॉयज में है। वरुण ऑटो कास्ट सनविजय ग्रुप की ही एक सहयोगी इकाई है, जो मुख्य रूप से ऑटोमोबाइल पार्ट्स और कास्टिंग के क्षेत्र में काम करती है। सूत्रों ने बताया कि समूह ने पिछले दिनों ही इस कंपनी का अधिग्रहण किया है। वरुण का रामनगर में कार्यालय है। कंपनी एल्युमिनियम सेक्टर में बड़े पैमाने पर काम कर रही है। सनविजय ग्रुप के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संजय पूरनलाल अग्रवाल है।
खंगाले जा रहे प्लांट्स की बिक्री के रिकार्ड : आयकर विभाग की इस सक्रियता के पीछे सबसे बड़ा कारण हाल ही में हुई बिजनेस डील को माना जा रहा है। समूह ने हाल ही में चंद्रपुर स्थित अपने दो बड़े प्लांट्स और नागपुर स्थित एक अन्य यूनिट को बेचा है। विभाग को संदेह है कि इन सौदों में हुई बड़ी वित्तीय राशि का सही विवरण टैक्स रिटर्न में नहीं दिया गया है या इसमें "टैक्स चोरी' की गई है। अधिकारी वर्तमान में बैंक ट्रांजेक्शन और बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रहे हैं।
अनियमितताओं का संदेह : आयकर विभाग को इन "एसेट सेल्स' (संपत्ति की बिक्री) में भारी वित्तीय अनियमितताओं का संदेह है। विभाग यह जांच रहा है कि क्या इन सौदों की पूरी राशि को आधिकारिक खातों में दिखाया गया है या इसमें "कैश कंपोनेंट' (अघोषित नकदी) का उपयोग हुआ है। अधिकारियों द्वारा वरुण ऑटो कास्ट और सनविजय के मुख्य कार्यालयों से बैंकिंग ट्रांजैक्शन, शेयर ट्रांसफर और बिक्री के कागजात जब्त किए गए हैं। यह भी जांचा जा रहा है कि इन प्लांट्स की बिक्री से मिली रकम को समूह ने अन्य संपत्तियों या रियल एस्टेट में कहां निवेश किया है।
संदिग्ध दस्तावेज मिले : शुरुआती जानकारी के अनुसार, विभाग को कुछ संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं, लेकिन जब्त की गई नकदी या सोने के बारे में अभी कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। नागपुर और विदर्भ के स्टील उद्योग में इस खबर के बाद से काफी चिंता देखी जा रही है, क्योंकि यह समूह इस क्षेत्र के सबसे पुराने और बड़े नामों में से एक है। सनविजय ग्रुप का नाम पहले भी वित्तीय जांच और सब्सिडी से जुड़े विवादों (जैसे इंडस्ट्रियल प्रमोशन सब्सिडी) में आता रहा है। आयकर विभाग के साथ इनके कुछ पुराने टैक्स विवाद अदालत में भी रहे हैं।
Created On :   25 March 2026 9:43 AM IST













