Nagpur News: संघ के कामों का होगा विकेंद्रीकरण, महाराष्ट्र-गुजरात को 10 विभागों में बांटा

संघ के कामों का होगा विकेंद्रीकरण, महाराष्ट्र-गुजरात को 10 विभागों में बांटा
मार्च 2027 में नागपुर में होगी प्रतिनिधिक सभा

Nagpur News राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। इसकी शुरुआत 2 अक्टूबर, 2025 से की गई है। शताब्दी वर्ष के निमित्त संघ के कार्यों का बड़े पैमाने पर विस्तार करने का निर्णय लिया गया है। पत्र-परिषद में आरएसएस के प्रांत संघचालक दीपक तमशेट्‌टीवार ने बताया कि संघ ने अपने विभागों का विकेंद्रीकरण करने का फैसला किया। गुजरात और महाराष्ट्र को दस विभागों में बांटा जाएगा। इनमें से गुजरात में 3 और महाराष्ट्र में 7 विभाग होंगे। इस बीच, प्रतिनिधिक सभा मार्च 2027 को नागपुर में होगी।

तमशेट्‌टीवार ने बताया कि पिछले कुछ सालों में, देश भर में 5 हज़ार से ज़्यादा नई शाखाएं शुरू हुई हैं और संघ की भौगोलिक उपस्थिति भी बढ़कर 4 हज़ार से ज़्यादा जगहों पर हो गई है। संघ का काम बढ़ने से विकेंद्रीकरण किया जाएगा। इसके तहत, अब देश भर में 86 विभाग बनाए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि महाराष्ट्र में मुंबई, कोंकण, पश्चिम, उत्तर, देवगिरी, पश्चिम विदर्भ और उत्तर विदर्भ जैसे विभाग होंगे। इसके अलावा संघ की शाखाओं में भी भारी बढ़ोतरी हुई है और शताब्दी वर्ष में देश भर में संघ की शाखाओं की संख्या 88 हज़ार 949 तक पहुँच गई है। प्रतिनिधि सभा ने 2025-26 के दौरान अलग-अलग प्रांतों में संघ के काम की समीक्षा की है। शाखाओं के ज़रिए चलाए जा रहे सामाजिक बदलाव के अभियान ‘पंच परिवर्तन' पर भी खास चर्चा हुई। आने वाले साल के लिए संघ शिक्षा वर्ग, कार्यकर्ता विकास वर्ग और दूसरे प्रशिक्षण वर्ग की रूपरेखा भी तय की गई है और इसपर संघ द्वारा ज़ोर दिया जाएगा।

भ्रम दूर करने घर-घर जा रहा संघ : उन्होंने बताया कि संघ द्वारा पंच-परिवर्तन पर जोर दिया जा रहा है। संघ का मुख्य लक्ष्य एक मजबूत समाज बनाना है। उन्होंने बताया कि संघ का हमेशा से यही विजन रहा है कि समाज में सभी लोग मिल-जुलकर रहें और हमारा देश मजबूत बने। लेकिन कुछ लोग जान-बूझकर भ्रम पैदा करते हैं। उसे दूर करने के लिए संघ ने शताब्दी वर्ष में घर-घर जाकर लोगों से मिलने को प्राथमिकता देने की पहल की है। इसके लिए 13 से 15 मार्च तक हरियाणा के समालखा में हुई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में भी देशहित के कुछ जरूरी मुद्दों पर चर्चा की गई- ‘हम संघ की विचारधारा को समाज से जोड़ने की भूमिका निभाते हुए काम कर रहे हैं, हम सामाजिक परिवर्तन लाना चाहते हैं, हम समाज के हर तबके के साथ काम करना चाहते हैं, हम संभ्रम दूर करके सामाजिक समरसता स्थापित करना चाहते हैं।


Created On :   25 March 2026 1:53 PM IST

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