UP News: IIT BHU में एडमिशन से पहले यूरिन टेस्ट, नियम बदलने के पीछे की जानिए वजह?

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी आईआईटी ने अपने एडमिशन प्रोसेस में बड़ा बदलाव किया है। आईआईटी बीएचयू ने एडमिशन प्रोसेस में अब विद्यार्थियों को यूरिन टेस्ट को अनिवार्य कर दिया है। विश्वविद्यालय ने ऐसा इसलिए किया गया है कि नशे की लत से बचाने के लिए IIT BHU ने अपने नियम में नए बिंदु को जोड़ा है। नए नियम के मुताबिक एडमिशन लेने वाले विद्यार्थी को यूरिन आधारित ड्रग टेस्ट कराना जरूरी होगा। इस सत्र में नए प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इस फैसले के तहत प्रोफेसर और IMA के डॉक्टरों की कुल 9 सदस्यीय ड्रग जांच समिति का भी गठन किया गया है।
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IIT BHU में पहली बार जांच
आपको बता दें IIT BHU ने अपने एडमिशन प्रोसेस में पहली बार ऐसे नियम को जरूरी किया है। हालांकि यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और डॉक्टरों की 9 सदस्यीय कमेटी ने छात्रों के यूरिन आधारित ड्रग टेस्ट को अनिवार्य किया है। इस फैसले का मकसद कैंपस में छात्रों के बीच नशे की लत को रोकना है। जांच के दायरे में बीटेक, एमटेक, IDD और पीएचडी के 2250 से ज्यादा छात्र आएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही छात्रों के बैच के हिसाब से सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यूरिन टेस्ट के जरिए शरीर में मौजूद नशीले या प्रतिबंधित पदार्थों का पता लगाया जा सकेगा। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि छात्रों ने किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ अथवा प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन तो नहीं किया है। हालांकि नियम में स्पष्ट नहीं किया गया है कि जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर दाखिला रद्द किया जाएगा या नहीं।
कैंपस को नशामुक्त करना है उद्देश्य
कुलसचिव कार्यालय के अनुसार एडमिशन की प्रक्रिया में यह बदलाव काफी महत्वपूर्ण है। इस नियम के माध्यम से छात्रों को नशीले पदार्थों के सेवन करने से रोका जा सकेगा। विश्वविद्यालय ने यह फैसला सरकार की तरफ से जारी दिशा-निर्देश के आधार पर ही लिया है।
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