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Father's Day Special: घर बैठे इन फिल्मों को देखिए,अपने पापा के साथ

Father's Day Special: घर बैठे इन फिल्मों को देखिए,अपने पापा के साथ

डिजिटल डेस्क,मुंबई। आज फादर्स डे के मौके पर हम आपके लिए लेकर आए हैं, कुछ बेहतरीन फिल्में, जो आपको अपने पापा के साथ घर पर बैठ कर देखनी चाहिए। लेकिन आज इस खास दिन पर कोरोना महामारी रंग में भंग डालने का काम कर रही है। आप अपने पिता को बाहर, मूवी या डिनर पर नहीं ले जा सकते हैं। आप निश्चित रूप से उनके दिन को खास बनाने के लिए घर पर ही ओटीटी पर कुछ खास फिल्में देख सकते हैं। तो, पॉपकॉर्न के साथ हो जाए तैयार।

मिसेस डाउटफायर

16 Sure Facts About Mrs. Doubtfire | Mental Floss

दिवंगत अभिनेता रॉबिन विलियम्स की फिल्म 1993 की कॉमेडी एक अच्छी ऑप्शन है। ये एक ऐसे पिता के बारे में है जो अपने बच्चों के लिए किसी भी हद तक जा सकता है, उन्हें खुश और उस समय की याद दिलाने और तैयार करने के लिए और इससे भी बढ़कर, उन दिनों की याद दिलाता है जब पिताजी छोटे थे। ये फिल्म फील-गुड एंटरटेनर, तलाक, विवाद और परिवार पर उनके प्रभाव के बारे बताती है।

फादर ऑफ द ब्राइड

Father of the Bride (1991) - Rotten Tomatoes

स्टीव मार्टिन, डायने कीटन, किम्बर्ली विलियम्स, जॉर्ज न्यूबर्न और मार्टिन शॉर्ट अभिनीत, 1991 की फिल्म इसी नाम की 1950 की फिल्म की रीमेक है। फिल्म में, मार्टिन ने जॉर्ज बैंक्स की भूमिका निभाई है, जो एक व्यापारी और एक एथलेटिक जूता कंपनी का मालिक है, जिसे पता चलता है कि उसकी बेटी की शादी हो रही है, लेकिन वह उसे दूर नहीं जाने देना चाहता है।

पीकू

पीकू कहानी | Piku Bollywood Movie Story, Preview in Hindi - Filmibeat Hindi

2015 की बॉलीवुड फिल्म "पीकू" शूजीत सरकार द्वारा निर्देशित है। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ने एक उम्रदराज और चिड़चिड़े पिता का किरदार निभाया हैं और दीपिका पादुकोण ने उनकी चिड़चिड़ी बेटी पीकू का। दोनों के बीच संबंधों के बारे में एक अनोखी कॉमेडी है। दोनों को संघर्षों के टकराव से जूझते देखा जाता है। इसके अलावा दीपिका और अमिताभ फिल्म में जानते हैं कि, वे एक-दूसरे का एकमात्र सहारा हैं।

शिट्स क्रीक

Golden Globe 2021 Awards List | गोल्डन ग्लोब 2021: 'द क्राउन', 'शिट्स क्रीक' ने जीते कई अवॉर्ड्स | Schitt's Creek Wins Best TV Series

एमी पुरस्कार विजेता शो "शिट्स क्रीक" एक अमीर परिवार की कहानी हैं, जो एक शहर को छोड़कर अपना सब कुछ खो देता है। परिवार के कुलपति, जॉनी रोज, यूजीन लेवी द्वारा चित्रित, एक पिता है जिससे सभी संबंधित हो सकते हैं। थोड़ा अजीब, बेहद मुखर लेकिन दिन के अंत में, प्यार और देखभाल करने वाला। वह हमेशा ऐसा व्यक्ति होता है जो सभी को हंसा सकता है।

राजमा चावल

Rajma Chawal Movie Review: Rishi Kapoor's Film Is Garnished With Flavours - 3 Stars Out Of 5

फिल्म "राजमा चावल" एक अपरंपरागत पिता-पुत्र के रिश्ते की कहानी को कवर करती है। राज को पता चलता है कि उसका बेटा कबीर उससे दूर होता जा रहा है और यह बात उसे परेशान करती है। फिल्म एक तरह से इस बात की पड़ताल करती है कि, कैसे सोशल मीडिया की उभरती दुनिया पीढ़ी के अंतर के कारण मौजूद तनावपूर्ण संबंधों को स्थिर करना और भी मुश्किल बनाती है।

दृश्यम

Drishyam Full Movie Review | Ajay Devgn, Tabu, Shriya Saran - YouTube

फिल्म "दृश्यम", अजय देवगन-तब्बू-स्टारर 2015 में रिलीज हुई थी, जिसमें एक पिता अचानक हुए अपराध के बाद अपने परिवार को बचाने के लिए किसी भी हद तक चला जाता है, जो उन्हें और उनके रहस्य को एक भयंकर पुलिस अधिकारी से बचाने के लिए छोड़ देता है और पूरा पुलिस विभाग उन पर मर्डर का शक करता है।

द फैमली मैन

मनोज वाजपेयी की 'The Family Man 2' का दमदार ट्रेलर हुआ रिलीज, देखें

"द फैमली मैन" एक वेब सीरीज हैं, जिसकी कहानी मनोज बाजपेयी के किरदार श्रीकांत तिवारी के इर्द-गिर्द घूमती है। श्रीकांत, जो एक मध्यमवर्गीय व्यक्ति होता है, लेकिन एक इंटरनेशनल जासूस का काम करता है। वो ज्यादा हिडेन नौकरी की मांगों के साथ अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को संतुलित करने की कोशिश करता है। वो अपने परिवार के सदस्यों से उन्हें जमीन पर आने वाले खतरों से सुरक्षित रखने के लिए गुप्त रखता है।

द परस्युट ऑफ हैपिनेस

Pursuing Happiness is a Choice; From the movie Pursuit of Happiness | by Kam Kelson | Medium

फिल्म "द परस्युट ऑफ हैपिनेस" में विल स्मिथ और उनके बेटे जेडन स्मिथ ने बेहतरीन अभिनय किया है। ये फिल्म साल 2006 में रिलीज हुई थी। ये फिल्म एक अकेले पिता की कहानी है और उसी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने लड़के के लिए बेहतर जीवन का सपना देखता है। खुद के बेघर होने के बाद, विल का चरित्र क्रिस सब कुछ जोखिम में डालता है जब वो एक स्टॉक ब्रोकर के साथ एक अवैतनिक इंटर्नशिप में रहता है। 

दो दूनी चार

Do Dooni Chaar (2010) - IMDb

फिल्म "दो दूनी चार" एक कॉमेडी ड्रामा फिल्म हैं, जिसमें ऋषि कपूर और नीतू सिंह पति और पत्नी के रूप में दिखाई देते है। अदिति वासुदेव और अर्चित कृष्णा ने उनके बच्चों का किरदार निभाया है। ये फिल्म एक मीडिल क्लास स्कूल, परिवार और एक नई कार खरीदने के उसके संघर्ष के इर्द-गिर्द घूमती है।

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क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

डिजिटल डेस्क, श्रीनगरजम्मू कश्मीर की सीमा के आसपास ड्रोन की हलचलें लगातार तेज होती जा रही हैं। इसके बाद भारत ने भी ये मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया है कि ड्रोन की इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से घातक साबित हो सकती हैं। इस हमले के बाद से भारत में ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ गई है। इस रिपोर्ट में जानिए आखिर ड्रोन है क्या और यह कैसे ऑपरेट होते हैं? इसके इस्तेमाल और इससे क्या नुकसान हो सकता है और देश में ड्रोन्स को उड़ाने को लेकर सरकार की क्या गाइडलाइन्स हैं।

ड्रोन क्या होता है?
ड्रोन्स को UAV यानी Unmanned aerial vehicles या RPAS यानी Remotely Piloted Aerial Systems भी कहा जाता है। आम बोल चाल वाली भाषा में इसे मिनी हैलिकॉप्टर भी कहते हैं। अक्सर शादी के दौरान फोटोग्राफी के लिए आपने ड्रोन का इस्तेमाल होते हुए देखा होगा। यह एक ऐसा यंत्र है, जिसमें एचडी कैमरे, ऑनबोर्ड सेंसर और जीपीएस लगा होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए एक सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है। इसके चारों और 4 रोटर्स लगे होते हैं, जिनकी मदद से यह आसमान में ऊंचा उड़ने में सक्षम होता है। एक ड्रोन का वजन 250 ग्राम से लेकर 150 किलोग्राम से भी ज्यादा हो सकता है।

ड्रोन को उड़ाने के लिए सॉफ्टवेयर, जीपीएस और रिमोट की आवश्यकता होती है। रिमोट के जरिए ही ड्रोन को ऑपरेट और कंट्रोल कर सकते हैं। ड्रोन पर लगे रोटर्स की गति को रिमोट की जॉयस्टिक के जरिए कंट्रोल किया जाता है। वहीं, जीपीएस दिशाएं बताता हैं, जीपीएस दुर्घटना होने से पहले ही ऑपरेटर को चेतावनी भेज देता है। 

ड्रोन हमले किस तरह से हो सकते हैं?
ड्रोन का इस्तेमाल कई देशों की सेनाएं कर रही हैं, क्योंकि ये साइज में छोटे होते हैं इसलिए रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आ पाते हैं, साथ ही दुर्गम इलाकों में भी गुपचुप घुसपैठ कर सकते हैं। यही कारण है कि सेना में इनका इस्तेमाल बढ़ने लगा है।ड्रोन हमले दो प्रकार से संभव हैं। एक तरीका ये है कि ड्रोन में हथियार या विस्फोटक लगा दिए जाते हैं और ड्रोन इन हथियारों या विस्फोटक को लक्ष्य पर ड्रॉप कर देता है। ड्रोन से हमले का दूसरा तरीका है ड्रोन को खुद ही एक विस्फोटक में बदल दिया जाए। 

कितने घातक हो सकते हैं ड्रोन हमले?
ये ड्रोन के प्रकार और पेलोड पर निर्भर है। पेलोड मतलब ड्रोन कितना वजन अपने साथ लेकर उड़ सकता है। ड्रोन की पेलोड क्षमता जितनी ज्यादा होगी वो अपने साथ उतनी ज्यादा मात्रा में विस्फोटक सामग्री लेकर उड़ सकता है। अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन अपने साथ 1700 किलो तक वजन ले जाने में सक्षम हैं।

ड्रोन से अबतक के बड़े हमले
2020 में अमेरिका ने ईरानी मेजर जनरल सुलेमानी को मार गिराया था। इससे पहले 2019 में यमन के हूती विद्रोहियों ने साऊदी अरब की अरामको ऑयल कंपनी पर ड्रोन हमला किया था। पाकिस्तान के वजीरिस्तान में 2009 के दौरान एक ड्रोन हमले में 60 लोग मारे गए थे।

देश में ड्रोन्स के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन्स 
देश में नागरिक उड्डयन मंत्रालय(Ministry of Civil Aviation) ने ड्रोन उड़ाने पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। ड्रोन के वजन और साइज के अनुसार इन प्रतिबंधों को कई वर्ग में बांटा गया है।

1.नेनो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं पड़ती।

2.माइक्रो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए UAS Operator Permit-I से अनुमति लेनी पड़ती है और ड्रोन पायलट को SOP(Standard operating procedure) का पालन करना होता है। 

इनसे बड़े ड्रोन उड़ाने के लिए डीजीसीए से परमिट(लाइसेंस ) की आवश्यकता होती है। अगर आप किसी प्रतिबंधित जगह पर ड्रोन उड़ाना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपको डीजीसीए से अनुमति लेनी पड़ेगी। बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी है और इसके लिए ड्रोन ऑपरेटर पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान है।

ड्रोन उड़ाने के लिए प्रतिबंधित जगह

  • मिलिट्री एरिया के आसपास या रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाका।
  • इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 5 किलोमीटर और नेशनल एयरपोर्ट के 3 किलोमीटर का दायरा।
  • इंटरनेशनल बॉर्डर के 25 किलोमीटर का दायरा ।
  • इसके अलावा ड्रोन की कैटेगरी को मद्देनजर रखते हुए इन्हें कितनी ऊंचाई तक उड़ाया जा सकता है वो भी निर्धारित है।

ड्रोन उड़ाने के लिए जरूरी हैं लाइसेंस
नैनो ड्रोन्स को छोडकर किसी भी तरह के ड्रोन्स को उड़ाने के लिए लाइसेंस या परमिट की जरूरत पड़ती है।ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस दो कैटेगरी के अंतर्गत दिए जाते हैं, जिसमें पहला है स्टूडेंट रिमोट पायलट लाइसेंस और दूसरा है रिमोट पायलट लाइसेंस।इन दोनों लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए ड्रोन ऑपरेटर की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 65 साल होनी चाहिए। लाइसेंस के लिए ऑपरेटर कम से कम 10वीं पास या 10वीं क्लास के बराबर उसके पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से डिग्री होना अति आवश्यक हैं।आवेदन करने वाले व्यक्ति को डीजीसीए स्पेसिफाइड मेडिकल एग्जामिनेशन भी पास करना जरूरी है। लाइसेंस के लिए बैकग्राउंड भी चेक होता है।

जुर्माने का प्रावधान

  • बिना लाइसेंस उड़ाने पर 25000 रुपए का जुर्माना।
  • नो-ऑपरेशन जोन यानी प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ान भरने पर 50000 रुपए का जुर्माना।
  • ड्रोन का थर्ड पार्टी बीमा ना होने पर 10000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।