Ronaldo Retirement: क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने इंटरनेशनल फुटबॉल को कहा अलविदा, कहा - 'कुछ फैसले दिमाग से नहीं दिल से..'

क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने इंटरनेशनल फुटबॉल को कहा अलविदा, कहा - कुछ फैसले दिमाग से नहीं दिल से..
फुटबॉल की दुनिया के लीजेंड प्लेयर पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने इंटरनेशनल फुटबॉल को अलविदा कह दिया है। उन्होंने गुरुवार (05 नवंबर) को सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। फुटबॉल की दुनिया के लीजेंड प्लेयर पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने इंटरनेशनल फुटबॉल को अलविदा कह दिया है। उन्होंने गुरुवार (05 नवंबर) को सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। रोनाल्डो की गिनती फुटबॉल के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में होती है। हालांकि, वह कभी अपनी टीम पुर्तगाल को वर्ल्ड कप नहीं जिता सके।

सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में रोनाल्डो ने कहा, 'पुर्तगाली लोगों के लिए, हमारी नेशनल टीम की नंबर 7 जर्सी को वापस लौटाने का दिन आ गया है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह सिर्फ मेरी होगी। लेकिन 23 सालों तक, मुझे इसे पहनने, इसकी रक्षा करने और दुनिया भर के स्टेडियमों में इसे अपने साथ ले जाने का सौभाग्य और जिम्मेदारी मिली। आज, इसे आने वाली पीढ़ी को सौंपने का वक्त आ गया है। यह कोई आसान फैसला नहीं था।'

रोनाल्डो के इंटरनेशनल करियर की बात करें तो उन्होंने 234 मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 146 गोल किए। रोनाल्डो ने अपना पहला इंटरनेशनल मैच 20 अगस्त, 2003 में कजाकिस्तान के खिलाफ खेला था। वहीं पहला गोल 2004 में ग्रीस के खिलाफ मुकाबले में किया था।

'फुटबॉल का मतलब ही लोग'

रोनाल्डो ने अपने वीडियो में आगे कहा, 'कुछ फैसले ऐसे होते हैं जो केवल दिमाग से नहीं, बल्कि दिल से लिए जाते हैं। आज एक ऐसे सफर का अंत हो रहा है, जो 2003 में शुरू हुआ था और जिसके बाद मेरी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं और राष्ट्रीय टीम के साथ बिताए अपने अनुभवों के बारे में सोचता हूं, तो मुझे सिर्फ खेल, गोल, रिकॉर्ड या ट्रॉफियां ही नजर नहीं आतीं है। मैं लोगों को देखता हूं। मैं उन प्रवासियों को देखता हूं, जिन्हें 90 मिनट के लिए पुर्तगाल थोड़ा और करीब लगा। मैं लाखों पुर्तगाली लोगों को देखता हूं जिनसे मैं कभी व्यक्तिगत रूप से नहीं मिला, लेकिन जो मेरी जिंदगी का हिस्सा रहे हैं। क्योंकि, आखिरकार फुटबॉल महज एक खेल से कहीं बढ़कर है। फुटबॉल का मतलब ही लोग हैं।

पुर्तगाली खिलाड़ी ने अपने करियर पर बात करते हुए आगे कहा, नेशनल टीम के साथ अपने पूरे करियर के दौरान, मैंने अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने की कोशिश की। मैं जीतना चाहता था, मैं सबसे बेहतरीन बनना चाहता था, मैं इतिहास रचना चाहता था। मैं हमेशा खुद से बहुत उम्मीदें रखता था। मुझे हमेशा और ज्यादा चाहिए होता था, मुझे हमेशा विश्वास था कि हम और आगे जा सकते हैं। मैंने इस जर्सी के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया।

Created On :  

Tags

Next Story