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FIFA world cup qualifiers : ओमान ने भारत को 1-0 से मात देकर क्वालीफायर से किया बाहर

FIFA world cup qualifiers : ओमान ने भारत को 1-0 से मात देकर क्वालीफायर से किया बाहर

हाईलाइट

  • फीफा वर्ल्ड कप क्वालीफायर में मंगलवार को ओमान ने भारत को 1-0 से हराया
  • ओमान ने इससे पहले भी भारत को 2-1 से हराया था।

डिजिटल डेस्क, मस्कट। मोहसिन अल गसानी के एकमात्र गोल की मदद से ओमान ने यहां सुल्तान काबूस स्पोटर्स कॉम्पलेक्स में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप क्वालीफायर में मंगलवार को भारत को 1-0 से हरा दिया। इस जीत के बाद ओमान की टीम पांच मैचों में 12 अंकों के साथ ग्रुप ई में दूसरे नंबर पर है। वहीं, भारत की पांच मैचों में यह दूसरी हार है और उसे दोनों हार ओमान के हाथों ही मिली है। ओमान ने इससे पहले भी भारत को 2-1 से हराया था।

विजेता ओमान के लिए मोहसिन अल गसानी ने 33वें मिनट में गोल किया। ओमान ने इस गोल को अंत तक कायम रखते हुए 1-0 से जीत अपने नाम कर ली। पहला हाफ भले ही ओमान के नाम रहा लेकिन इसमें भारत ने भी कई अच्छे मूव बनाए। एक गोल से पिछड़ने के बाद भारत ने लगभग चार मौके बनाए पर गोल नहीं कर सका। ओमान ने 33वें मिनट में गोल कर बढ़त बनाई। भारत खुशकिस्मत रहा कि सातवें मिनट में पेनाल्टी पर उसके खिलाफ गोल नहीं हुआए नहीं तो वह 0-2 से पिछड़ जाता।

ओमान को छठे मिनट में पेनाल्टी मिला। राहुल भेके ने बाक्स में ओमान के मोहसिन अल गसानी को गिरा दिया और रेफरी ने बिना देरी किए भारत के खिलाफ पेनाल्टी का फैसला सुनाया। मोहसिन ने खुद ही सातवें मिनट में पेनाल्टी लिया लेकिन वह गेंद को बाहर मार बैठे।

भारत ने इसके जवाब में 20वें मिनट में एक शानदार मूव बनाया। ब्रेंडन फर्नाडिस ने कप्तान सुनील छेत्री को सही समय पर ओमान के डिफेंस के पीछे पाया। कप्तान ने सही समय पर गेंद को उदांता सिंह के लिए क्रास करना चाहा लेकिन इसी बीच अल हबसी ने समय पर आकर गेंद को डिफेंड कर दिया। इसी तरह उदांता सिंह 23वें मिनट में भारत को बढ़त दिलाने से चूक गए। 24वें मिनट में भारत के आदिल खान और 25वें मिनट में प्रणाय हल्दार को पीला कार्ड मिला।

कोच इगोर स्टीमाक ने हलधर को तुरंत बाहर कर डिफेंस को मजबूत करने के लिए विनीत राय को अंदर किया लेकिन भारत को फायदा होने की जगह नुकसान हो गया। ओमान ने 33वें मिनट में गोल करते हुए 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। ओमान के लिए यह गोल मोहिसन ने किया। मोहसिन ने पेनाल्टी पर चूकने के बाद इस बार कोई गलती नहीं की और भारत के डिफेंस की कमजोरी का फायदा उठाकर अपनी टीम को आगे कर दिया।

भारत ने हालात को भांपते हुए 37वें मिनट में एक और बदलाव किया। पीला कार्ड पा चुके आदिल को बाहर कर अनस इदाथोदिका को अंदर किया। अनस के मैदान पर आने के साथ ही भारतीय टीम जोश से भर गई। 40वें मिनट में बराबरी का एक गम्भीर प्रयास किया लेकिन किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया। यहां फारुख चौधरी को मानवीर सिंह ने ओमान के बाक्स में एक सटीक पास दिया लेकिन फारुख उसे कलेक्ट नहीं कर सके और ओमान के डिफेंडर ने गेंद को क्लीयर कर दिया।

इसी तरह भारत ने 45वें मिनट में भी एक और मौका बनाया लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। इस तरह पहला हाफ ओमान के पक्ष में 1-0 से समाप्त हुआ। दूसरे हाफ में 69वें मिनट में कप्तान छेत्री के पास भारत को बराबरी दिलाने का मौका था, लेकिन वह चूक गए। भारत ने इस तरह इस हाफ में इसके बाद कुछ और मौके बनाए, लेकिन वह बराबरी हासिल नहीं कर पाया। वहीं, मेजबान ओमान ने पहले हाफ की बढ़त को दूसरे हाफ के अंतिम मिनट तक कायम रखते हुए 1-0 से जीत अपने नाम कर ली।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।