फीफा वर्ल्ड कप में बवाल: सरकार के विरोध में ईरानी फुटबॉल टीम ने नहीं गाया राष्ट्रगान 

November 21st, 2022

हाईलाइट

  • महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुआ प्रदर्शन

डिजिटल डेस्क, दोहा। कतर में जारी फीफा वर्ल्ड कप में जहां एक्शन को लेकर उत्सुकता है वहीं दूसरी तरफ इसने राजनीतिक रूप ले लिया है। टूर्नामेंट में इंग्लैंड और ईरान के बीच होने वाले मुकाबले से पहले ही स्थिति ने गंभीर मोड़ ले लिया है। दरअसल, मैच से ईरान के खिलाड़ियों ने अपने देश के राष्ट्रगान को गाने से मना कर दिया। बताया जा रहा है कि ईरानी टीम ने यह फैसला देश में सरकार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन को सपोर्ट करने के लिए लिया है। ईरान इस समय प्रदर्शन की आग में जल रहा है, जहां देश की जनता  महिलाओं के लिए लागू किए गए सख्त ड्रेस कोड का विरोध कर रहे हैं। उधर, ईरान के सरकारी टीवी ने खिलाड़ियों के इस कदम को सेंसर कर दिया है।

इस बारे में ईरान टीम के कप्तान अलीरेजा जहानबख्श ने कहा कि पूरी टीम ने यह तय किया है कि देश में सरकार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन को सपोर्ट करने के लिए राष्ट्रगान नहीं गया जाएगा। 

महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुआ सिलसिला 

ईरान में सरकार के खिलाफ यह प्रदर्शन महसा अमीनी की मौत के बाद काफी उग्र हुआ है। महसा अमिनी उत्तर-पश्चिमी ईरानी शहर साकेज की एक महिला थीं। जिनकी 16 सितम्बर को तीन दिन कोमा में रहने के बाद मृत्यु हो गई थी। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें ड्रेस कोड का उल्लंघन करने पर तेहरान से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोप लगाया कि अमीनी ने हिजाब नहीं पहने थे। इस दौरान सामने आया कि पुलिस ने महसा अमीनी के साथ दुर्व्यवहार किया  था और उसके सिर पर डंडा मारने के साथ-साथ उसके सिर को गाड़ी पर दे मारा था। इसके बाद ईरानी महिला सड़क पर उतर आई थी। जब साकेज में अमीनी की अंतिम यात्रा निकली तो हजारों महिलाओं ने अपने हिजाब उतार फेंके और सरकार विरोधी नारे लगाए थे। 

ईरान को करना पड़ा 6-2 से हार का सामना 

अगर मुकाबले की बात करें तो ईरान को इंग्लैंड के हाथों 6-2 से एकतरफा हार का सामना करना पड़ा है। इंग्लैंड के 5 खिलाड़ियों ने गोल दागे, जहां बुकायो साका ने 2 गोल स्कोर किए। इसके अलावा जूड बेलिंघम, रहीम स्टर्लिंग, मार्कस रैशफोर्ड और जैक ग्रीलिश ने भी बॉल ईरान के गोल पोस्ट में गेंद डाली। इस दौरान ईरान की तरफ से मेहदी तरेमी ने दोनों गोल किए।