comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

OnePlus 7T Pro ग्लोबली लॉन्च, जानें इसकी खूबियां

OnePlus 7T Pro ग्लोबली लॉन्च, जानें इसकी खूबियां

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रीमियम स्मार्टफोन बनाने वाली चीनी कंपनी OnePlus ने आखिरकार अपने OnePlus 7T सीरीज के अगले हैंडसेट को लॉन्च कर दिया। यह फोन है लंबे समय से चर्चा में बना रहने वाला OnePlus 7T Pro, इसे लंदन में आयोजित एक इवेंट में ग्लोबली लॉन्च किया गया। इस फोन को हेज ब्लू कलर विकल्प के साथ लॉन्च किया गया है। कितना खास है ये फोन और क्या है इसकी कीमत, आइए जानते हैं...

कीमत और उपलब्धता
OnePlus 7T Pro की कीमत 53,999 रुपए रखी गई है, इस कीमत में 8GB रैम + 256GB स्टोरेज वेरिएंट उपलब्ध होगा। इसके अलावा इस फोन का McLaren Edition को भी लॉन्च किया गया है। इसकी कीमत 58,999 रुपए रखी गई है। इस कीमत में 12GB रैम के साथ 256GB वाला वेरिएंट मिलेगा। इन दोनों स्मार्टफोन्स की बिक्री 12 अक्टूबर दोपहर 12 बजे से Amazon और कंपनी के आधिकारिक स्टोर्स पर शुरु होगी। 

OnePlus 7T Pro स्पेसिफिकेशन
डिस्प्ले

OnePlus 7T Pro में 90Hz रिफ्रेश रेट वाली 6.67 इंच की फ्लूड AMOLED डिस्प्ले दी गई है। य​ह डिस्प्ले 3,120 x 1,440 पिक्सल का रेज्यूलेशन देती है। इसका आसपेक्ट रेश्यो 19.5:9 है और यह HDR 10+ को भी सपोर्ट करती है। इसकी स्क्रीन को कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 3D की सुरक्षा दी गई है। इसमें इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है।

कैमरा
फोटोग्राफी के लिए इस फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इसमें 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर दिया गया है। इसके अलावा दूसरा 16 मेगापिक्सल का अल्ट्रा वाइड लेंस और तीसरा 8 मेगापिक्सल का टेलिफोटो लेंस दिया गया है। इसमें ड्यूल LED फ्लैश दिया गया है। यह कैमरा लो लाइट में भी तस्वीर क्लिक कर सकता है।

जबकि सेल्फी के लिए इस फोन में 16 मेगापिक्सल का पॉप-अप सेल्फी कैमरा दिया गया है। फ्रंट कैमरे से भी HD क्वालिटी की वीडियो रिकार्ड की जा सकती है। वहीं इसमें फेस अनलॉक फीचर भी दिया गया है। 

प्लेटफार्म/ प्रोसेसर
यह फोन एंड्रॉइड 10 आउट ऑफ द बॉक्स आपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है। इसमें क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 855+ चिपसेट प्रोसेसर दिया गया है जो MIMO और 5G नेटवर्क को सपोर्ट करता है।  

बैटरी
पावर के लिए इस फोन में 4,085 mAh की बैटरी दी गई है, जो कि 30W की वार्प फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ दी गई है। 
  

कमेंट करें
M7hFl
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।