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Samsung Galaxy Book Pro और Galaxy Book Pro 360 लॉन्च, जानें फीचर्स

Samsung Galaxy Book Pro और Galaxy Book Pro 360 लॉन्च, जानें फीचर्स

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दक्षिण कोरियाई कंपनी Samsung (सैमसंग) ने अपने दो नए लैपटॉप को Galaxy Unpacked 2021 वर्चुअल इवेंट में लॉन्च कर दिया गया है। इनमें Galaxy Book Pro  (गैलेक्सी बुक प्रो) और Galaxy Book Pro 360 (गैलेक्सी बुक प्रो 360) शामिल है। यह दोनों लैपटॉप 13.3 इंच और 15 इंच स्क्रीन साइज में आएंगे। दोनों लैपटॉप की प्री-बुकिंग शुरू हो गई है। यह तीन कलर ऑप्शन मिस्टिक ब्लू, मिस्टिक सिल्वर और मिस्टिक पिंक गोल्ड में उपलब्ध होंगे। 

बात करें कीमत की तो Samsung Galaxy Book Pro को 999 डॉलर (करीब 74,400 रुपए) की कीमत में लॉन्च किया गया है। जबकि Galaxy Book Pro 360 की कीमत 1,199 डॉलर (करीब 89,300 रुपए) है। 

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Samsung Galaxy Book Pro के स्पेसिफिकेशन्स 
Samsung Galaxy Book Pro लैपटॉप दो स्क्रीन साइज में आता है। इनमें Galaxy Book Pro 13 में 13.3 इंच की डिस्प्ले दी गई है, वहीं Galaxy Book Pro 15 में 15 इंच की डिस्प्ले मिलेगी। दोनों ही लैपटॉप में फुल HD AMOLED डिस्प्ले दी गई है, जो कि 1920x1080 पिक्सल का रेजॉल्यूशन देती है। यह लैपटॉप 11th-generation Intel Core i7 प्रोसेसर दिया है। इसमें 32GB तक रैम और 1TB तक की NVMe एसएसडी स्टोरेज मिलेगी। इसमें 11th जनरेशन Intel Core i7 प्रोसेसर दिया गया है।

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Samsung Galaxy Book Pro 360 के स्पेसिफिकेशन
यह लैपटॉप भी दो अलग-अलग वेरियंट में आता है, इनमें Galaxy Book Pro 360 13 वेरिएंट 13.3 इंच स्क्रीन और दूसरा Galaxy Book Pro 360 15 वेरिएंट 15 इंच की सुपर एमोलेड डिस्प्ले के साथ आते हैं। इन मॉडल्स में 11th-generation Intel Core i7 प्रोसेसर दिया है। साथ ही इनमें Intel Iris Xe ग्राफिक्स दिया गया है। लैपटॉप में 32GB तक की रैम और 1TB तक की NVMe एसएसडी स्टोरेज दी गई है। Book Pro 360 13 में 63Whr की बैटरी है जबकि Galaxy Book Pro 360 15 में 68Whr की बैटरी है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।