comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

यूनिक डिवाइस: ZOOOK ने पेश किया Clicker, अब आपका घर भी होगा स्मार्ट

यूनिक डिवाइस: ZOOOK ने पेश किया Clicker, अब आपका घर भी होगा स्मार्ट

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। स्मार्ट डिवाइस का चलन बीते वर्षों में तेजी से बढ़ा है। ऐसे में दुनियाभर की कंपनियां अपने नए डिवाइस बाजार में उतार रही हैं। जिससे आज स्मार्टफोन से लेकर, टीवी, वॉशिंग मशीन, एसी और फ्रिज भी स्मार्ट हो चुकी है। इसी बीच फ्रांस की इलेक्ट्रॉनिक कंपनी ZOOOK (जूक) ने एक ऐसी डिवाइस बाजार में उतारी है, जिसके बाद आपको घर में यूज होने वाले हर तरह के रिमोट से मुक्ति मिल जाएगी। मतलब कि अब सिर्फ इस एक डिवाइस से आप टीवी, एसी, सेटटॉप बॉक्स, स्पीकर आदि कंट्रोल कर सकते हैं। कंपनी ने इस डिवाइस को Clicker (क्लिकर) नाम दिया है।

ZOOOK Clicker की कीमत की बात करें तो इसे 1,299 रुपए में बाजार में उतारा गया है। हालांकि ऑफर के तहत इसे फिलहाल ई कॉमर्स साइट अमेजन से 999 रुपए में खरीदा जा सकता है। आइए जानते हैं इसकी खूबियों के बारे में...

सस्ते iPad Air पर काम कर रही है Apple,  A13 प्रोसेसर के साथ होगा लॉन्च

ZOOOK Clicker फीचर्स
ZOOOK Clicker एक वायरलैस डिवाइस है और इसका वजन महज 35 ग्राम है। इस डिवाइस का उपयोग आप उन चीजों को कंट्रोल करने में कर सकेंगे, जो IR रिमोट से कंट्रोल होती हैं।

कंपनी के दावे के अनुसार ZOOOK कीयह डिवाइस 80 हजार से अधिक डिवाइसेज के साथ कनेक्ट हो सकती है। कनेक्टिविटी के लिए इस डिवाइस में वाई-फाई और मोबाइल हॉट्सपॉट का सपोर्ट भी दिया गया है। इस डिवाइस की रेंज आठ मीटर है। 

खास बात यह कि Clicker अमेजन इको डॉट और गूगल स्मार्ट स्पीकर से भी कनेक्ट हो जाती है। मतलब यह कि अब आपको एसी का टेंप्रेचर बदलने के लिए बिस्तर से उठने की आवश्यकता नहीं है। आप सोते हुए सिर्फ एक आवाज के साथ टेंप्रेचर को सेट कर सकते हैं। यही नहीं आप चाहे घर के अंदर हों या बाहर इस डिवाइस को कहीं से भी नियंत्रित किया जा सकता है। 

Philips ने लॉन्च किए दो प्रीमियम 4K LED TV, जानें कीमत और फीचर्स

उदाहरण के तौर पर यदि आप चिलचिलाती गर्मी से आ रहे हैं, तो आप आरामदायक और पर्याप्त तापमान के लिए कमरे में जाने से पहले अपने एयर-कंडीशनर को चालू कर सकते हैं। वहीं यदि आप बाहर जाने से पहले अपने एसी को बंद करना भूल जाते हैं, तो चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि क्लिकर के जरिए आप इसे बाहर रहने पर भी बंद कर सकेंगे। 

कमेंट करें
ugBjN
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।